भले ही सर्दी में प्यास कम लगे मगर गुनगुना पानी बिना प्यास के भी पीते रहें। इससे खून पतला होने के साथ शरीर में फुर्ती भी रहेगी। खून पतला होने से हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक की आशंका भी काफी कम होगी।
सर्दी का मौसम शुरू होते ही लोगों में पानी पीने की आदत कम हो जाती है। इससे शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है, जो सर्दी की वजह से महसूस नहीं होती। पानी कम पीने से न सिर्फ खून गाढ़ा होता है बल्कि ठंड की वजह से धमनियां भी सिकुड़ती हैं। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है जिसका अतिरिक्त दबाव दिल की धमनियों और दिमाग की नसों पर भी पड़ता है। जब खून लगातार गाढ़ा बना रहता है तो हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक की आशंका काफी बढ़ जाती है। कम पानी पीने से नींद के समय दिल की धड़कन धीमी पड़ने से कार्डियक अरेस्ट की भी स्थिति बन जाती है। सर्दी की वजह से जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में हृदय की समस्या को लेकर आने वाले रोगियों की संख्या बढ़ गई है। कुछ लोग धड़कन नियंत्रित न होने की शिकायत कर रहे हैं तो कोई बेचैनी होने की। कुछ लोगों को हार्ट अटैक तक पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक शर्मा का कहना है कि सर्दी में लोग पानी कम पीते हैं, इससे पानी की मात्रा कम होने से खून गाढ़ा हो जाता है। वहीं, सर्दी में धमनियां सिकुड़ती हैं, इससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। इससे हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। लोगों को बिना प्यास के भी समय-समय पर गुनगुना पानी पीते रहना चाहिए।
धड़कन कम है तो डॉक्टर की सलाह पर पीएं पानी
डॉ. आलोक शर्मा का कहना है कि जिन लोगों के दिल की धड़कन कम होती है वह डॉक्टर से निर्धारित पानी की मात्रा का ही सेवन करें। इन रोगियों का ज्यादा पानी पीना घातक हो सकता है।
सर्दी से बचाव के लिए यह जरूर करें
हृदय रोग विशेषज्ञ ने बताया कि सर्दी के मौसम में खानपान सही रखें ताकि दिल सुरक्षित रहे। वसायुक्त भोजन का सेवन सीमित करें। फास्ट व जंक फूड से परहेज करना काफी फायदेमंद रहेगा। घर से निकलते समय सिर व कान आदि ढककर रखें।
