आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में ऐसे मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनमें हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण त्वचा और स्वास्थ्य में बदलाव दिख रहे हैं।

मेडिसिन विभाग के डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि कोलेस्ट्रॉल शरीर में एक जरूरी फैट है, लेकिन जरूरत से ज्यादा बढ़ जाने पर यह नसों में जमा होकर स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल केवल खानपान और तनाव से नहीं, बल्कि जेनेटिक कारणों से भी हो सकता है। उन्होंने बताया कि त्वचा रूखी और बेजान दिखने लगती है, खास कर आंखों के किनारे पीली परत या धब्बे हाई कोलेस्ट्रॉल के संकेत हैं। हाथ-पैरों में झनझनाहट या रंग बदल सकता है, और घाव भी देर से भरते हैं।

बचाव और सावधानी

उन्होंने बताया कि तले-भुने, जंक और ज्यादा तेल वाले भोजन से बचें। डाइट में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और फाइबर युक्त चीजें शामिल करें। नियमित वॉक, हल्की एक्सरसाइज या योग करें। वजन नियंत्रित रखें, तनाव कम करें और धूम्रपान व शराब से दूर रहें।

डॉक्टर से मिलें

अगर त्वचा पर लगातार गांठें, पीली परत, रूखापन या घाव धीमे से भरते हों, ब्लड टेस्ट में कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हो, या सीने में दर्द और चक्कर की समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। हाई कोलेस्ट्रॉल लंबे समय तक बिना लक्षण के भी नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए समय पर जांच जरूरी है।

 



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