हृदय रोग के जाने माने विशेषज्ञ डॉ. नरेश त्रेहन के मुताबिक, देश में 40 साल से कम उम्र वालों में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़े हैं। जिम में भी कई लोगों के साथ घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में जिम जाने से पहले लोगों को अपना हेल्थ चेकअप जरूर कराना चाहिए।
डॉ. नरेश त्रेहन शहीद पथ स्थित होटल में हुए कार्डियक कॉन्क्लेव में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। उन्होंने कहा कि कम उम्र में दिल के रोगों की वजह भाग-दौड़ भरी जिंदगी, अधिक समय तक बैठकर काम करना, मोटापा, तनाव, तंबाकू का इस्तेमाल और शारीरिक गतिविधियों की कमी है। इनके साथ ही डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल अचानक दिल का दौरा पड़ने का कारण बनते हैं।
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ऐसे में इलाज के बजाय रोकथाम पर ध्यान केंद्रित करना होगा। सभी को ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्रॉल की जांच और ट्रेडमिल स्ट्रेस टेस्ट नियमित अंतराल पर कराने चाहिए। ये शरीर में छिपे हुए ऐसे खतरे है जो समय रहते पकड़ में न आएं तो एक्सरसाइज के दौरान जानलेवा साबित हो सकते हैं।
देश में 30 साल की उम्र में दिल की बीमारियों की शुरुआत
विशेषज्ञों ने बताया कि पिछले दो दशकों में 30 की उम्र वालों में हार्ट अटैक के मामलों में इजाफा हुआ है। हार्ट अटैक की वजह से भर्ती होने वाले हर पांच में से एक मरीज की उम्र 40 वर्ष से कम होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वर्ष 2022 में दुनियाभर में करीब 1.98 करोड़ लोगों की मौत दिल की बीमारियों से हुई।
डॉ. गणेश सेठ ने 45 साल के एक ऐसे मरीज का केस बताया, जिसे कोई लक्षण नहीं था, लेकिन ट्रेडमिल टेस्ट पॉजिटिव आया। डॉ. वैभव सक्सेना ने जटिल हार्ट ब्लॉकेज में इंट्रावैस्क्युलर इमेजिंग की जरूरत बताई। डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने किडनी की गंभीर बीमारी वाले मरीज का किस्सा बताया कि उसे सीने में तेज दर्द के साथ लाया गया था। जांच के बाद उसे स्टेंट लगाने की जरूरत पड़ी।
