Heat wave wreaks havoc in UP: Hospitals in all districts on alert mode, open work banned from 1 to 4 in the af

पूरा यूपी भीषण गर्मी की चपेट में है।
– फोटो : एएनआई

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प्रदेश में गर्मी और लू को देखते हुए अस्पतालों की व्यवस्था पुख्ता कर दी गई है। सभी चिकित्साधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। वार्ड में कूलिंग की व्यवस्था रखने और लू संबंधी सभी दवाएं पर्याप्त मात्रा में रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेश में तापमान में लगातार बढो़तरी हो रही है। मौसम विभाग ने सप्ताहभर लू का प्रभाव अधिक रहने की चेतावनी दी है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी चिकित्साधिकारियों को अलर्ट कर दिया है। मुख्य चिकित्साधिकारियों, चिकित्सा अधीक्षक एवं अन्य अधिकारियों को भेजे निर्देश में कहा कि गर्मी और लू को लेकर पहले से जारी निर्देश का पूरी तरह से पालन किया जाए। इमरजेंसी वार्ड एवं अन्य वार्डों में कूलर, पंखा और एसी को दुरुस्त रखा जाए। गर्मी और लू लगने पर उपचार में प्रयोग होने वाली दवाओं का पर्याप्त स्टाक रखें। जहां दवाएं कम हों, उन्हें तत्काल मंगवा लिया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर शुद्ध एवं ठंडा पानी की व्यवस्था कराने, गर्मी से बचाव के लिए शेलटर्स की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं।

दोपहर एक से चार बजे तक खुले में काम पर रोक

 राजधानी में गर्मी के तीखे तेवर से लोग बेहाल हैं। ऐसे में हीट वेव से बचाव के लिए उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और नगर निगम के बीच बुधवार को स्मार्ट सिटी के ऑफिस में हुई विशेष बैठक में अहम फैसले लिए गए। इसके तहत अब शहर में दोपहर एक से चार बजे तक निर्माण इकाइयों पर खुले में काम नहीं किया जाएगा।

साथ ही किसी भी व्यस्त चौराहे पर दो मिनट से ज्यादा देर तक ट्रैफिक नहीं रोका जाएगा। जिन चौराहों पर ट्रैफिक हल्का है, वहां सिग्नल ब्लिंक मोड पर रहेंगे, यानी ट्रैफिक नहीं रुकेगा। नगर निगम के सभी जोनल ऑफिसों और कूलिंग सेंटर पर लोगों के लिए ओआरएस के पैकेट भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

कार्ययोजना बनने के बाद नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने बताया कि चौराहों पर सिग्नल की व्यवस्था को लेकर यातायात पुलिस को पत्र भेजा जा रहा है। ओआरएस के पांच हजार पैकेट मंगवाए गए हैं। लोगों से अपील की है कि धूप में निकलने से बचें। अगर निकलें तो छाता लेकर जाएं। बैठक में बनी कार्ययोजना को फिलहाल 15 के लिए लागू किया जाएगा। बैठक में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की निदेशक डॉ. कनीज फातिमा, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ (आईआईपीएच) गांधीनगर के प्रो. डॉ. महावीर प्रसाद सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी भी थे।



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