लखनऊ। नई तकनीक से कूल्हा प्रत्यारोपण के बाद मरीज अगले ही दिन घर जा सकता है। जॉइंट केयर फाउंडेशन की ओर से गोमतीनगर के होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में डॉ. सौरव शुक्ला ने बताया कि नई तकनीक में सर्जरी कूल्हे के पीछे या बगल के बजाय सामने से की जाती है। इसमें मांसपेशियां नहीं कटती हैं और मरीज अगले ही दिन चलने-फिरने लगता है। इस तकनीक से डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे हर जगह यह सर्जरी हो सके। इस मौके पर अहमदाबाद से डॉ. कार्तिक पटेल और मुंबई के डॉ. अमीत पिस्पती मौजूद रहे।

प्रेसवार्ता करते चिकित्सक।
