मणिकर्णिका मंदिर में चिता भस्म की होली की अनुमति दी गई है, जबकि घाट पर इसकी अनुमति नहीं है। मंदिर में शनिवार को दिन में 12 बजे चिता भस्म की होली खेली जाएगी और दो बजे समाप्त हो जाएगी। एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने कहा कि मंदिर परिसर में चिता भस्म की होली की अनुमति है, जबकि घाट पर इसकी अनुमति नहीं है।
बाबा महाश्मशान नाथ मंदिर के व्यवस्थापक गुलशन कपूर ने कहा कि हर वर्ष की तरह मंदिर में परंपरागत तरीके से विधि-विधान के अनुसार पूजा-अर्चना के बाद चिता भस्म की होली खेली जाएगी। घाट पर भीड़ आने या न आने का मामला पुलिस प्रशासन का है। नगर निगम के एक अधिकारी के अनुसार, कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखकर अनुमति पुलिस देती है।
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नगर निगम की ओर से घाटों पर सफाई जारी रहेगी। पुलिस प्रशासन की ओर से भीड़ को रोकने का पूरा इंतजाम किया गया है। जगह-जगह बैरिकेडिंग कराई जा रही है।यही नहीं, यहां अत्याधुनिक शवदाह गृह के निर्माण का कार्य चल रहा है, जिसे टीन शेड से घेरा गया है।
सतुआ बाबा आश्रम के पास भी बैरिकेडिंग कर दी गई है। एक घाट से दूसरे घाट तक जाने के लिए जगह-जगह बांस की बल्लियां लगाई गई हैं। इसके अलावा गलियों में भी सादे वेश में महिला पुलिस को लगाया गया है, जो चक्रमण कर रही हैं।
