Holika burns brightly, devotee Prahlad remains safe

धधकती होली की आग से गुजरता पंडा
– फोटो : अमर उजाला

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मथुरा मे शाम को भद्रा काल समाप्त होने के साथ ही रविवार रात में गली-मोहल्लों और तिराहे-चौराहों पर रखीं होलिका धू-धू कर जलने लगीं। देखते ही देखते हर तरफ होलिका की लपटें दूर-दूर तक नजर आने लगीं, लेकिन भक्त प्रहलाद सुरक्षित रहे। होलिका मैया और भक्त प्रहलाद की जय जयकार से वातावरण गूंज उठा।

छोटी होली का उल्लास रविवार सुबह से ही घर-घर में शुरू हो गया। घर-घर में पूड़ी-कचौड़ी, खीर आदि पकवान बनाए गए। होलिका पूजन के लिए महिलाओं की कतार लगना शुरू हो गई। यह क्रम दोपहर बाद तक चलता रहा। रात में 11:14 बजने के साथ होलिका दहन का क्रम जारी हो गया।

होलीगेट, होली वाली गली, गोकर्णनाथ तिराहा, जयसिंहपुरा, अंतापाड़ा, झींगुरपुरा, पुराना बस स्टेंड, सदर, बाढ़पुरा, डैंपियर नगर, लोहवन, लक्ष्मीनगर, धौलीप्याऊ, कृष्णानगर, राधा नगर, महाविद्या, गोविंद नगर, क्वालिटी तिराहा, भरतपुर गेट, जनरल गंज, कृष्णापुरी, रंगेश्वर महादेव तिराहा आदि चौराहा-तिराहा धूमधाम से होलिका दहन किया गया। परिक्रमा करते हुए घरों पर होलिका जलाई। इसके साथ ही लोगों ने जौ देते हुए एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।

बच्चों ने रंग-गुलाल से खेली होली

रविवार को होली भले ही छोटी रही हो, लेकिन बच्चों को तो होली से मतलब रहा। बच्चों ने मम्मी-पापा द्वारा लाई गई पिचकारियों और रंग-गुलाल से खूब होली खेली। घरों में होली पूजन के बाद से ही बच्चों ने पिचकारी चलाना शुरू कर दिया। कोई पानी में रंग मिलाकर खेल रहा था तो कोई सादा पानी ही चलाने में व्यस्त दिखाई दिया। इस तरह बच्चे पूरे दिन मस्ती में लगे रहे।

होली गेट पर हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम

होली गेट पर होलिका दहन से पूर्व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज ने किया। ब्रज के कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। तदोपरांत होलिका दहन किया गया। इस दौरान सांसद हेमामालिनी, एमएलसी ठा. ओमप्रकाश सिंह, जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह, एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय सहित मेला समिति के अध्यक्ष मदनमोहन श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में जनसमुदाय मौजूद रहा।

द्वारिकाधीश मंदिर में आज सुबह होगा होलिका दहन

पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के मंदिर ठा. द्वारिकाधीश में 25 मार्च की सुबह 6:15 बजे से 6:30 बजे तक होलिका दहन होगा। विधि प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि सोमवार को मंगला, ग्वाल, शृंगार के दर्शन समय अनुसार और डोल की पहली झांकी 10 बजे, डोल महोत्सव के विशेष दर्शन दोपहर 1:30 बजे से 2:30 बजे तक होंगे। इसके बाद सेवा चालू रहेगी और शयन के दर्शन शाम 4:30 बजे से 5 बजे तक होंगे।



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