मैनपुरी। अब नर्सिंगहोम, अस्पताल और केयर यूनिट संचालन से पहले हॉस्पिटल वेस्ट के निस्तारण और प्रदूषण नियंत्रण संबंधी प्रमाणपत्र देना होगा। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरसी गुप्ता को आदेश दिया है कि पर्यावरण के नियमों से संबंधित प्रमाणपत्र न होने पर अस्पताल और नर्सिंग होम का संचालन न होने दिया जाए।

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सचिव के आदेशानुसार अस्पताल, नर्सिंग होम और हेल्थ केयर यूनिट के संचालन के लिए केंद्र सरकार के पर्यावरण संरक्षण के नियम 1986 के अधीन जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट (प्रबंधन एवं निस्तारण) बीएमयू नियम का पालन करना जरूरी है। ऐसी दशा में पकड़े जाने पर कार्रवाई हो सकती है। नया नर्सिंगहोम, अस्पताल और क्लीनिक खोलने वालों को पर्यावरण का प्रमाण पत्र लगाना पड़ेगा। तभी इलाज की अनुमति मिलेगी। वहीं जो लोग पहले से अस्पतालों का संचालित कर रहे हैं उन्हें भी इस बात का प्रमाणपत्र देना होगा कि उनके यहां हॉस्पिटल वेस्ट के निस्तारण और प्रदूषण नियंत्रण संबंधी सभी प्रकार की व्यवस्थाएं हैं।

हर महीने महानिदेशक को भेजी जाएगी सूचना

जिले में संचालित अस्पतालों में जैव चिकित्सकीय अपशिष्ट (प्रबंधन एवं निस्तारण) का कार्य सही ढंग से चल रहा है कि नहीं स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशक को हर महीने भेजनी होगी। आदेश को प्रभावी बनाने के लिए सीएमओ ने नोडल अधिकारी निजी अस्पताल को इसकी जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।

सभी अस्पताल संचालक सुनिश्चित करें कि उनके यहां हॉस्पिटल वेस्ट के निस्तारण और प्रदूषण नियंत्रण संबंधी सभी प्रकार की व्यवस्थाएं हैं। बिना इन व्यवस्थाओं के उनका अस्पताल संचालित नहीं हो पाएगा।

डॉ. आरसी गुप्ता, सीएमओ



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