बदायूं के सैंजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह व उसके साथियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई कर अवैध तरीके से कमाई गई संपत्ति जब्त की जा सकती है। करीब 20 चश्मदीदों को नोटिस भेजकर बुलाया गया है, लेकिन अब तक किसी के बयान दर्ज नहीं हो सके हैं। ईद सकुशल निपटने के बाद अब सोमवार से एसआईटी और विवेचक दोनों ही स्तर पर कार्रवाई तेज होगी।
12 मार्च को प्लांट में डीजीएम सुधीर गुप्ता व सहायक प्रबंधक हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बेखौफ हत्यारोपी अजय प्रताप सिंह ने थाने पहुंचकर खुद ही आत्मसमर्पण कर दिया था। बाद में पुलिस ने मुठभेड़ दिखाकर उसका चालान कर दिया। मामला तूल पकड़ने पर शासन स्तर से कमिश्नर बरेली की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय विशेष जांच कमेटी गठित की गई है।
बरेली रेंज के डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि अब मूसाझाग थाने में दर्ज मामले में नामजदगी बढ़ाने के साथ ही चार्जशीट तैयार करने की कवायद तेज होगी। इसके अलावा अजय का गैंग चिह्नित कर उसके सगे-संबंधियों की संपत्ति भी खंगाली जाएगी। गैंगस्टर की कार्रवाई कर पुलिस-प्रशासन की मदद से अवैध तरीके से कमाई गई संपत्ति जब्त की जाएगी।