आगरा। नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर हो रहे हादसों पर राज्य मानवाधिकार आयोग ने चिंता जताई है। पुलिस कमिश्नर, उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे प्राधिकरण और एनएचएआई के अधिकारियों से एक्शन प्लान तैयार कर पेश करने को कहा है। आयोग ने एक मकान मालिक के घर की बिजली का कनेक्शन काटने पर बिल्डर के खिलाफ जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
दो दिवसीय दौरे पर शहर आए आयोग के सदस्य न्यायमूर्ति राजीव लोचन मेहरोत्रा और बृजभूषण ने आयुक्त सभागार में आगरा मंडल के लंबित मामलों की सुनवाई की। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता केसी जैन ने 400 करोड़ रुपये की लागत से बने 14 किलोमीटर लंबे उत्तरी बाईपास के चालू हो जाने के बावजूद एनएच-19 से भारी वाहनों के गुजरने का सवाल उठाया, जिस पर सदस्यों ने नाराजगी जताई है। आयोग ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को राष्ट्रीय राजमार्ग (भूमि व यातायात) अधिनियम, 2002 की धारा-35 के अंतर्गत तीन सप्ताह के भीतर अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए ताकि भारी वाहनों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित किया जा सके। एनएचएआई के परियोजना निदेशक संदीप यादव को 17 मार्च से पहले अनुपालन आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) राजीव लोचन मेहरोत्रा ने भारी वाहनों के कारण होने वाले ट्रैफिक जाम, दुर्घटनाओं और जन-हानि पर नाराजगी जताई।
बिचपुरी स्थित प्राक्षी एवेन्यू कॉलोनी निवासी डॉ. राजेश्वर उपाध्याय ने बिल्डर मुकेश चंद्र पर घर का बिजली व पानी कनेक्शन कटवाकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। आयोग ने पाया कि यह प्रकरण पहले भी सामने आया था और उसमें कनेक्शन न काटने के लिए बिल्डर को निर्देश दिए गए थे। हालांकि आयोग के आदेश के बाद भी कनेक्शन कटने पर डबल बेंच ने नाराजगी जताते हुए डीएम आगरा को पुलिस व एडीए के अधिकारियों के साथ कमेटी से जांच कराकर बिल्डर पर कार्रवाई के निर्देश दिए। सदस्यों ने कहा कि कोई भी व्यक्ति आयोग के शिकायत पोर्टल, एक्स और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से या खुद आयोग कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कर सकता है।
झोलाछाप पर तत्काल दर्ज करें प्राथमिकी
आयोग को हर दिन झोलाछाप डॉक्टरों से संबंधित शिकायतें प्राप्त होती हैं। सदस्यों ने कहा कि ऐसी शिकायतों पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए ताकि आरोपी को भागने का मौका न मिले। बिजली विभाग और पुलिस अधिकारियों के लोगों को सही सलाह न देने पर नाराजगी जताई। श्रमिकों के अधिकारों के हनन व गांवों में नाली निकासी की अनुमति न देने वाले दबंग व्यक्ति के मामले में तत्काल कार्रवाई की जाए।
