आगरा l नवरात्रि में माता रानी के नौ दिन के व्रत रखने वाली श्रद्धालु युवती पर उस समय विपदा आ पड़ी जब उसने परिवारजनों से पूजा सामग्री के लिए कुछ रुपए मांग लिए। रुपए देने के बदले उसे दादा व पिता ने गंदी-गंदी गलियां देकर उसे मर जाने का ताना दे दिया। इसी बात पर श्रद्धालु ने आहत होकर यमुना नदी में कूद गई l मिशन शक्ति 5.0 ने जानकारी होने पर साहसी युवक की मदद से बाहर निकाला l
सिकंदरा के राधा नगर की रहने वाली काजल प्रजापति पुत्री दिनेश प्रजापति उम्र करीब 20 साल ने जानकारी बताया कि वह नवरात्रि में 9 दिन के व्रत रखे है l माता रानी के प्रसाद के लिए उसने 5 रुपये अपने दादा से मांगे थे इसी बात को लेकर दादा ने गालियां देना शुरू कर दिया। जिसके बाद उसने जब पिता को शिकायत की तो पिता ने भी उसका अनादर किया और उसे डूब कर मर जाने का ताना देने लगे l इसी बात से आहत श्रद्धालु आरती का मन विचलित हो गया। वह सिकंदरा से ऑटो पकड़कर जवाहर पुल पर आ गई l यमुना नदी के पुल पर जाकर उसने नदी में छलांग लगा दी l
उसी समय मिशन शक्ति 5.0 की टीम में उप निरीक्षक रजनी, रूबी रोशन व सिपाही आरती वहां से गुजर रही थी l उसने गाड़ी रोककर लोगों से अपील की कोई उसे बचाए। मौके पर एक साहसी युवक यमुना नदी में कूद गया l जिसे करीब 20 मिनट तक संघर्ष किया और तेज बहाव में युक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल ले आया l इसके बाद जानकारी मिलते मौके पर चौकी इंचार्ज मोहित मलिक भी पहुंच गए। आरती को निजी अस्पताल में भर्ती कराया l करीब 3 घंटे बाद जब युवती को होश आया तो मौके पर मिशन शक्ति की टीम और थाना पुलिस ने उसके पारिवारिक जनों को सुपुर्द कर दिया l
थाना अध्यक्ष ने आरती को दिलवाई व्रत सामग्री और प्रसादी
आरती अत्यंत दुखी थी l वह अपने परिवारजनों के अनादर से हताश हो चुकी थी l उसके पास माता रानी की पूजा-अर्चना के लिए भी 1 रुपया भी नहीं था। मौके पर थानाध्यक्ष देवेंद्र दुबे के आदेश पर मोहित मलिक चौकी इंचार्ज ने श्रद्धालु आरती को फल फ्रूट्स कुट्टू का आटा सहित पूजा के सामग्री और कुछ आर्थिक मदद की।
साहसी युवक को किया गया सम्मानित
आरती को बचाने वाला साहसी युवक जो हेलमेट बेचता है। उसने आरती को शीघ्र से बाहर निकाला l मौके पर मौजूद चौकी इंचार्ज मोहित मलिक के द्वारा उसे साहसी युवक नितेश बघेल निवासी जोहरा बाग को सम्मानित किया गया। वहीं, आरती ने बताया कि हर बात के लिए उसे ताना दिया जाता है l इसको लेकर वह काफी दिन सदमे में चल रही थी l उसने कई बार इसकी शिकायत थाना पुलिस सिकंदरा से भी की थी। लेकिन पुलिस ने उसकी कोई फरियाद नहीं सुनी थी l
