दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर मुरादाबाद के पाकबड़ा थाने के सामने मंगलवार की दोपहर करीब दो बजे दर्दनाक हादसा हुआ। हादसे में दंपती और दो बेटियों की मौत हो गई। मुरादाबाद के पाकबड़ा थाने के सामने फ्लाई ओवर के ढलान पर मंगलवार की दोपहर करीब दो बजे फुरकान, उसकी पत्नी सीमा और दोनों बेटियां एक-दूसरे का हाथ पकड़कर खड़ी थीं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इसी दौरान दिल्ली की ओर से तेज रफ्तार बोलेरो अचानक बेकाबू हो गई और चारों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चारों 10 फीट हवा में उछलकर सर्विस रोड पर गिरे गए। दूर तक खून ही खून बह गया।
थाने से कुछ ही दूरी पर गैस सिलिंडर लदा ट्रक सर्विस रोड पर खड़ा था। जिसकी वजह से पति-पत्नी बेटियों के हाथ पकड़कर सर्विस रोड से आगे हाईवे किनारे खड़े हो गए। दुकानदार विनोद का कहना है कि अभी इस परिवार को पांच मिनट भी नहीं हुए थे कि इसी दौरान दिल्ली की ओर से एक बोलेरो तेजी से आई। अचानक बेकाबू हुई और पति-पत्नी और उनकी दो बेटियों को टक्कर मार दी। जिससे पति-पत्नी और उनकी दोनों बेटियां 10 फीट हवा में उछलीं और सर्विस रोड पर जा गिरीं, जिससे सभी की सांसें थम गईं।
इसके बाद बोलेरो सर्विस रोड पर ही थोड़ी दूसरी पर खड़े ट्रक से टकरा गई। आस पड़ोस के दुकानदार और ग्राहक दुकानों से बाहर निकल आए, लेकिन बोलेरो के गैस सिलिंडर लदे वाहन से टकराने के कारण पास में नहीं गए। इस कारण पति-पत्नी और उनकी बेटियां रोड पर ही पड़ी रहीं, जबकि बोलेरो में चालक और चेयरमैन की मां भी फंसी रहीं। करीब 20 मिनट बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची। इसके बाद घायलों को अस्पताल भेजा गया।
सड़क पर छटपटाते रहे घायल, पुलिस कर्मी करते रहे एंबुलेंस का इंतजार
थाने के सामने हादसा हुआ। फुरकान, उसकी पत्नी और बेटियां सर्विस रोड पर पड़ी रहीं और बोलेरो में चेयरमैन की मां और ड्राइवर फंसा रहे, लेकिन पुलिसकर्मी एंबुलेंस का इंतजार करते रहे। थाने में पुलिस वाहन खड़े होने के बावजूद बीस मिनट तक सभी घायल अवस्था में ही पड़े रहे। बीस मिनट बाद एंबुलेंस पहुंची, तब तक दोनों बेटियों की सांसें थम चुकी थीं। फुरकान और सीमा की सांसें चल रही थीं। उन्हें एंबुलेंस से टीएमयू अस्पताल भेजा गया, जबकि बोलेरो में फंसी सुनीता और चालक देवेंद्र को दूसरी एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया गया।





