रायबरेली। जिले में अवैध शस्त्रों की खरीदफरोख्त बड़े पैमाने पर हो रही है। इसमें लिप्त तस्करों ने अब पुलिस से बचने के लिए लखनऊ की वृंदावन कॉलोनी में ठिकाना बना लिया है। सीओ सदर अमित सिंह की जांच में खुलासा हुआ है कि पांच दिन पहले जेल भेजा गया शहर के चंद्रनगर का मोहित सोनी उर्फ गुड्डू कट्टा लखनऊ की वृंदावन कॉलोनी से अवैध असलहों की तस्करी में लगा था। उसके साथ कई अन्य साथी भी इस धंधे में शामिल हैं।

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ऐसे में पुलिस कॉल डिटेल के जरिए उनकी जानकारी जुटा रही है। इसमें कई के नाम सामने भी आए हैं। चाहे सुल्तानपुर में सराफा डकैती कांड हो या अमेठी में शिक्षक समेत चार लोगों की हत्या का मामला। इनमें रायबरेली के अपराधियों का हाथ भी रहा है।

सराफा डकैती कांड का मुख्य सरगना विपिन सिंह तो रायबरेली की आईटीआई फैक्टरी में ठहरा हुआ था। अमेठी में हुए हत्याकांड का आरोपी चंदन वर्मा भी रायबरेली में रह रहा था। अमेठी हत्याकांड में जिस पिस्टल का प्रयोग हुआ था, उसे लालगंज के रहने वाले अन्नू डीजे ने आरोपी चंदन वर्मा को मुहैया कराया था। जांच में बिहार से बड़े पैमाने पर जिले में अवैध असलहा की खेप आने की पुष्टि हुई थी।

अब सीओ सदर की जांच में नया खुलासा हुआ है कि गुड्डू कट्टा भी अवैध असलहा की तस्करी बड़े पैमाने पर कर रहा था। हालांकि, पुलिस से बचने के लिए उसने लखनऊ की वृंदावन कॉलोनी में ठिकाना बना रखा था। सीओ सदर का कहना है कि गुडडूू कट्टा के साथियों की पहचान कराई जा रही है।

शहजादा कोठी के एक युवक का सामने आया नाम

जांच में अवैध शस्त्रों की तस्करी में रायबरेली शहर की शहजादा कोठी के एक युवक का नाम सामने आया है। जांच में पता चला है कि यह युवक काफी समय से रायबरेली और लखनऊ में अवैध शस्त्रों की तस्करी कर रहा है। अवैध शस्त्र की तस्करी से जुड़ने के बाद उसने न सिर्फ चार पहिया गाड़ी खरीद ली है, बल्कि लखनऊ में मकान तक खरीद लिया है। सीओ सदर का कहना है कि अवैध शस्त्रों की तस्करी में जिन लोगों के सामने आएंगे, उन पर सख्त कार्रवाई होगी।



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