{“_id”:”66e0a5472474d20677085f44″,”slug”:”if-the-train-of-expectations-runs-then-business-will-gallop-orai-news-c-224-1-ka11004-119507-2024-09-11″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jalaun News: उम्मीदों की चले ट्रेन तो सरपट दौड़ेगा व्यापार”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}

जालौन। नगर से होकर रेल लाइन निकलने से जहां व्यापारियों को देश के प्रमुख बाजारों से जुड़ने का मौका मिलेगा। वहीं, मालगाड़ियों के बढ़ने से माल की ढुलाई में भी आसान होगी।व्यापार की दृष्टि से नगर काफी समृद्ध है। खासतौर पर हरी मटर का व्यापार पूरे देश में प्रसिद्ध है। हरी मटर के सीजन में नगर से प्रदेश ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, उड़ीसा, बिहार, पश्चिम बंगाल तक मटर पहुंचती है।

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सर्दी के मौसम में नवीन गल्ला मंडी में ही प्रतिदिन हजारों की तादाद में मटर लादकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पहुंचती हैं। यहां मटर की तौल के बाद उन्हें वाहनों पर लादकर देश के विभिन्न शहरों और राज्यों में भेजा जाता है। दूसरे राज्यों के व्यापारी भी नगर व क्षेत्र में आते हैं।

जालौन व आसपास के गांव उदोतपुरा, सिकरीराजा, हथेरी, देवरी, खनुआं, प्रतापपुरा, महिया, सींगपुरा, सहाव, जगनेवा, हीरापुर, सारंगपुर, हरदोई राजा, कुसमरा, गढ़गुवां, कुठौंदा बुजुर्ग, बिरहरा, पनहरा, अकोढ़ी दुबे, पहाड़पुरा, उरगांव, सिहारी पड़ैया, गायर, शहजादपुरा, लौना छानी, खर्रा, हरकौती आदि गांवों में बाहर के व्यापारी सीजन भर डेरा जमाए रहते हैं।

जहां वह सीधे किसानों से मिलकर खेतों की फसल की कीमत आंक खुद की मटर की तुड़ाई कराकर ले जाते हैं। अब इस क्षेत्र में धान की फसल भी खूब होने लगी है। धान के भी बड़े व्यापारी नगर में पहुंचकर धान की खरीद करते हैं। इसमें सबसे अधिक परेशानी सड़क मार्ग से परिवहन को लेकर आती है। जालौन नगर से ट्रेन की सेवा न होने से व्यापारियों को सड़क मार्ग से होकर ही मटर को भेजना पड़ता है। यदि जालौन से ट्रेन की सेवा हो तो निश्चित ही व्यापारियों को भी इसका लाभ होगा।

इसके अलावा नगर के व्यापारी विभिन्न प्रकार के सामान लेने के लिए देश के विभिन्न राज्यों में खरीदारी के लिए जाते हैं। हर हफ्ते व्यापारियों को दिल्ली जाना पड़ता है। इसके अलावा साड़ियों के लिए सूरत, गर्म कपड़ों के लिए लुधियाना, रेडीमेड ज्वैलरी के लिए मुंबई, बर्तन के लिए मुरादाबाद, ताले के लिए अलीगढ़, होजरी के लिए कोलकाता आदि स्थानों पर जाना पड़ता है।

सीधी कोई ट्रेन सेवा न होने से उन्हें या तो बस से जाना पड़ता है। या फिर कानपुर या झांसी से ट्रेन पकड़नी पड़ती है। इससे धन की तो बर्बादी होती ही है साथ ही अधिक समय भी खर्च करना पड़ता है। व्यापारियों का मानना है कि यदि नगर से होकर ट्रेन की सेवा शुरू की जाती है तो जहां व्यापारियों को इसका लाभ मिलेगा।

रेल लाइन बिछे तो सभी को होगा फायदा

गल्ला व्यापार कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रेमदास गुप्ता कहते हैं कि जालौन से ट्रेन का संचालन होने से किसानों को सीधा फायदा पहुंचेगा। वह अपनी फसल को देश में कहीं भी जहां दाम अच्छे मिल रहे हों, वहां जाकर बेच सकता है। इससे उनकी आमदनी में वृद्धि होगी। इसके अलावा व्यापारी भी सीजन में अपना माल अन्य स्थानों पर भेजने में परेशान होते हैं। उन्हें भी परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। गल्ला व्यापारी मोहन सिंह कुशवाहा बताते हैं कि हरी मटर के लिए जालौन क्षेत्र पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहां की मटर सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। यही वजह है पूरे देश में इसकी मांग रहती है। जब हरी मटर का सीजन होता है तो प्रतिदिन हजारों की तादाद में छोड़े-बड़े वाहनों से हरी मटर को देश के कोने कोने तक पहुंचाया जाता है। यदि ट्रेन की सुविधा मिलती है तो इसका लाभ निश्चित ही व्यापारियों को मिलेगा। रेडीमेड कपड़ों के व्यापारी वैभव अग्रवाल कहते हैं कि रेडीमेड वस्त्र, सूटिंग, शर्टिंग, साड़ी, होजरी और गर्म कपड़ों के लिए व्यापारी थोक माल खरीदने के लिए देश के अलग-अलग स्थानों पर पहुंचते हैं। दिल्ली, गुजरात, पंजाब, कोलकाता आदि जाने के लिए जालौन से ट्रेन न होने से मजबूरी में व्यापारियों को झांसी या कानपुर जाना पड़ता है। इसके लिए भी अतिरिक्त धन के साथ समय भी खर्च होता है। जालौन से ट्रेन मिलने पर इस पर रोक लगेगी। व्यापारी पुनीत अग्रवाल बताते हैं कि जालौन से होकर ट्रेन निकलने से न सिर्फ जालौन के व्यापारी बल्कि उरई, कोंच, रामपुरा, माधौगढ़ तक के व्यापारियों को लाभ मिलेगा। क्योंकि इन सभी जगहों के व्यापारियों को अभी दिल्ली जाने के लिए उरई से होकर कानपुर या झांसी पहुंचना पड़ता है। यदि यह लाइन बन जाती है तो सभी को फायदा पहुंचेगा।



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