
बीएचयू आईआईटी में घटना
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आईआईटी बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म और अभद्रता के तीन आरोपी आठ दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सके। इसे देखते हुए पुलिस की दो और टीमें तीनों को चिह्नित कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगाई गई हैं। इस तरह से पुलिस की सात टीमें तीनों आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगाई गई हैं। वहीं, आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आईआईटी के छात्र-छात्रा कमिश्नरेट की पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
आईआईटी बीएचयू की बीटेक की छात्रा से बीते एक नवंबर की रात 1:30 बजे के लगभग बाइक सवार तीन युवकों ने छेड़खानी की थी। इसके बाद छात्रा को निर्वस्त्र कर उसका वीडियो बना लिए थे। बाद में छात्रा के बयान के आधार पर मुकदमे में सामूहिक दुष्कर्म, इलेक्ट्रॉनिक साधनों द्वारा यौन उत्पीड़न और सदोष अवरोध के आरोप से संबंधित धारा भी बढ़ाई गई। लंका थाने की पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की, लेकिन किसी को चिह्नित नहीं किया जा सका। आरोपियों को चिह्नित कर उनकी धरपकड़ के लिए पुलिस की पांच टीम लगाई गई थी। सफलता न मिलने पर दो और टीम लगाई गई है। उधर, इस संबंध में पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन ने बताया कि आरोपी अब तक चिह्नित नहीं किए जा सके हैं। पुलिस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
गैंगस्टर एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ कागजी कार्रवाई में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जा रही है। पीड़िता के बयान के आधार पर मुकदमे में धाराएं बढ़ाई गई। तीनों के गिरफ्तार होने पर उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही मुकदमे का ट्रायल फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने के लिए अनुरोध किया जाएगा।
