
बीएचयू के आईआईटी परिसर में लोहे का गेट लगाया गया
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आईआईटी बीएचयू कैंपस में दीवार बनवाने का फैसला वापस लिए जाने के बाद परिसर में जगह-जगह स्थायी बैरियर बनने लगे हैं। लोहे के इस बैरियर गेट पर ताला भी लगाया जा सकेगा। इसके दोनों किनारे पर सीमेंट और ईंट के पिलर भी बन रहे हैं। ये स्थायी बैरियर उसी जगह पर बनाए जा रहे हैं, जहां अस्थायी बैरियर पहले से लगे हैं। दूसरी ओर स्टूडेंट्स पार्लियामेंट ने सात दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जाहिर की है। उधर स्थायी बैरियर बनाए जाने का विरोध भी शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर छात्र और पूर्व छात्र वैरियर हटाने की मांग कर रहे हैं।
पुलिस कमिश्नर से मिले सामाजिक कार्यकर्ता
बीते रविवार को प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर मुकदमा दर्ज करने के विरोध में साझा संस्कृति मंच के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुलिस कमिश्नर मुथा अशोक जैन को ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि एक सप्ताह बीतने के बाद जहां आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, वहीं शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे छात्रों पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। चेतावनी दी कि यदि जल्द ही दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और निर्दोष छात्रों पर दर्ज किए गए मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान वल्लभाचार्य पांडेय, संजीव सिंह, सतीश सिंह, किसान यूनियन नेता लक्ष्मण प्रसाद, धनंजय, डॉ अनूप श्रमिक शामिल रहे।
एनएसयूआई ने अभाविप के मुकदमा दर्ज कराने पर उठाया सवाल
एनएसयूआई बीएचयू इकाई के कार्यकर्ताओं ने परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं द्वारा मुकदमा दर्ज कराने पर सवाल खड़ा किया है। मधुबन पार्क में पत्रकारों के बातचीत के दौरान बीएचयू इकाई के राणा रोहित ने कहा कि अभाविप की ओर से मुझ पर और एनएसयूआई बीएचयू इकाई अध्यक्ष राजीव नयन और सुमन आनंद पर फर्जी मुकदमा दर्ज करवाया गया है। चेतावनी दी कि न्याय नहीं मिला तो आंदोलन करेंगे।
