संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 10 Aug 2024 11:14 PM IST

कासगंज। डीएम मेधा रूपम के निर्देश पर कलेक्ट्रेट सभागार में सर्पदंश से बचाव व पहचान विषय पर कार्यशाला आयोजित हुई। सीडीओ सचिन की अध्यक्षता में कार्यशाला हुई। सर्पदंश विशेषज्ञ डॉ. आदित्य ने महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि कोई भी यदि सर्पदंश का शिकार होता है तो लक्षण प्रकट होने का इंतजार नहीं किया जाए। पीड़ित शीघ्र ही अस्पताल ले जाया जाए। कार्यशाला में प्रोजेक्टर के माध्यम से सर्प की प्रजातियों आदि के बारे में विस्तार से बताया गया।विशेष डॉ. आदित्य ने कहा कि सर्पदंश की घटना होने पर पहले लोग सांप को मारने या पकड़ने का प्रयास करके समय खराब करते हैं, लेकिन जरूरी है कि पीड़ित को सबसे पहले अस्पताल पहुंचाएं। अस्पतालों में सर्पदंश के इलाज के लिए व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। समय से इलाज मिलने पर व्यक्ति ठीक हो सकता है। उन्होंने कहा कि सांप के काटने पर विष को चूसने जैसे तरीके नहीं अपनाएं। उन्होंने कहा कि पीडि़त व्यक्ति को शांत रखने का प्रयास करें। व्यक्ति के उत्तेजित होने या डरने से विष तेजी से शरीर में फैलता है। उन्होंने कहा कि झाड़-फूंक तंत्र मंत्र में समय व्यर्थ न करें। इस दौरान अपर जिलाधिकारी राकेश कुमार पटेल, अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार भारती, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव अग्रवाल, उप जिलाधिकारी संजीव कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। डॉ. आदित्य ने सांपों के बारे में कई मिथक भी बताए। सांप को दूध पिलाना भी मिथक है। उन्होंने कहा कि सांपों के लिए अनावश्यक कबाड़ एकत्रित न करें। घर के आस पास ईंटें रखीं हों तो उन्हें हटवाकर रखें। घर में दरारें या छेद हैं तो उन्हें बंद करें। कच्चे मकानों में अक्सर सांप को जगह मिल जाती है। इसलिए सतर्कता जरूरी है।
