अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुधवार देर-शाम मुस्तरा गांव में रास्ते के विवाद के लेकर दो पक्ष भिड़ गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी, डंडे एवं कुल्हाड़ी से हमला बोल दिया। मारपीट में महिला ग्राम प्रधान समेत दोनों पक्षों से कुल तेरह लोग घायल हो गए। सूचना पर आसपास के थानों से पुलिस बल पहुंच गया। घायलों को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया वहीं, गंभीर रूप से घायल ग्राम प्रधान समेत अन्य को निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। उधर, तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।
मुस्तरा गांव में आने-जाने के एक रास्ते को लेकर मुकेश यादव एवं प्रधान पति रघुनाथ यादव के बीच विवाद है। उनके बीच पंचायत चुनाव के बाद से विवाद चल रहा है। मुकेश पक्ष का कहना है श्मशान घाट, स्कूल के रास्ते पर ग्राम प्रधान कब्जा करने की कोशिश कर रहे जबकि ग्राम प्रधान पक्ष इससे इन्कार कर रहा है। उनका कहना है यह उनकी पुश्तैनी जमीन है। तीन अगस्त को मुकेश यादव ने तहसील दिवस पर ग्राम प्रधान पर कब्जा जमाने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी।
बुधवार को कानूनगो, लेखपाल की टीम दोपहर करीब दो बजे यहां पैमाइश के लिए पहुंची। पैमाइश के दौरान दोनों पक्ष से भी दर्जनों लोग जुटे। महिलाएं भी बड़ी संख्या में मौजूद थीं। पैमाइश के दौरान दोनों पक्षों में विवाद होने लगा। राजस्व कर्मियों ने किसी तरह समझा-बुझाकर अलग किया लेकिन, शाम होते-होते दोनों पक्ष भिड़ गए। इसके बाद जिसके हाथ में जो आया, वह लेकर दूसरे पक्ष को मारना शुरू कर दिया। महिलाओं के साथ भी मारपीट की गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर कुल्हाड़ी, लाठी-डंडे से प्रहार किए।
मारपीट में ग्राम प्रधान पक्ष के लोगों को अधिक चोट आई। इनमें महिला ग्राम प्रधान प्रमोद कुमारी यादव (55) पत्नी रघुवीर, देवर उत्तम (35) पुत्र गजराज, देवर छोटू उर्फ महताब (30), देवर रंजीत (50) का सिर फट गया। खून से वह सभी लथपथ हो गए। देवरानी संगीता (45) पत्नी रंजीत, देवर उधम सिंह (35), भतीजा शिवम (20), समेत बेटा शैलेंद्र (30) भी घायल हो गए। ग्राम प्रधान समेत प्रमोद, रंजीत, महताब, उधम की हालत नाजुक बताई जा रही है। वहीं, दूसरे पक्ष से भी मुकेश यादव (55) समेत उसका चचेरा भाई अंगद यादव (40), भाई हैरान यादव (38) , बिरजू (50) एवं लालू (14) चुटहिल हो गए। इनको मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
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मारपीट शुरू होते ही भाग खड़े हुए राजस्व कर्मी
मारपीट शुरू होते ही नापजोख के लिए पहुंचे लेखपाल जयहिंद यादव, कानूनगो कामता प्रसाद गुप्ता भाग निकले। उनकी ओर से समय पर अधिकारियों को सूचना भी नहीं दी गई। इस वजह से विवाद काफी अधिक बढ़ गया। पुलिस सुरक्षा के नाम पर मौके पर सिर्फ बजरंग चौकी इंचार्ज सत्य राय ही मौजूद थे। उनके पास कोई सिपाही भी नहीं था।
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महिलाओं को दौड़ा दौड़ाकर पीटा
मारपीट में ग्राम प्रधान के लोगों को सबसे अधिक चोट आई। मारपीट के दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने महिलाओं को भी जमकर पीटा। मारपीट के बाद वहां भगदड़ मच गई। नापजोख के दौरान गांव के तमाशबीन भी वहां मौजूद थे लेकिन, जैसे ही मारपीट शुरू हुई वहां भगदड़ मच गई। दूसरे पक्ष ने ग्राम प्रधान पक्ष की महिलाओं को भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। कई घायल महिलाएं अस्पताल नहीं आईं।
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महिलाओं की भीड़ देख पुलिस के फूले हाथ-पांव
मारपीट के बाद गांव से दोनों ही पक्ष मेडिकल कॉलेज ले आए गए। इसके बाद दोनों ही पक्ष से तमाम लोग ट्रैक्टर में भरकर मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। इसमें महिलाओं की भी भारी संख्या थी। यह देखकर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। हंगामे से बचने के लिए प्रधान पक्ष के लोगों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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रास्ते को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
रामवीर सिंह
सीओ सिटी
