www.a2znewsup.com जिला क्राईम रिपोर्टर जालौन पर्वत सिंह बादल
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गांधी महाविद्यालय उरई
राष्ट्रीय सेवा योजना
(उरई जालौन) उरई; गांधी महाविद्यालय में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना की प्रथम तथा द्वितीय इकाई के विशेष शिविर में चतुर्थ दिवस पर संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति स्वयंसेवकों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम का सञ्चालन कर रहे द्वितीय इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. धर्मेन्द्र कुमार ने शिविर में कहा कि राष्ट्र के सभी नागरिकों का कर्तव्य है कि वे संविधान का पालन करें। डॉ. मिथलेश शुक्ल ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविरों में छात्र छात्राएं अनुशासन में रहकर राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य करना सीखते हैं। एनएसएस के माध्यम से छात्र छात्राएं अपने व्यक्तित्व का विकास करते हैं।
प्रथम इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ मोनू कुमार मिश्र ने कहा कि संवैधानिक कर्तव्य का तात्पर्य है कि संविधान के आदर्शों, राष्ट्र ध्वज और राष्ट्र गान का सम्मान करना – यही समस्त नागरिकों के कर्तव्य हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत की संप्रभुता, एकता और अखण्डता की रक्षा करें और उसे संजोएं रखें। मुख्य वक्ता श्री रीतेश कुमार ने बताया कि किसी भी देश को चलाने के लिए कुछ मूलभूत आवश्यकताएं होती हैं, उनमें सबसे महत्वपूर्ण है -संविधान। संविधान में नागरिकों को अधिकार तथा कर्तव्य बताए गए हैं। उनमें से नागरिकों का मुख्य कर्तव्य है -अपने देश के मुख्य आदर्शों को हृदय में संजोना। अपने राष्ट्र के ध्वज का सम्मान करना। राष्ट्र गान का सम्मान करना।
द्वितीय सत्र में सुनीता सुमन फाउंडेशन के बच्चों ने “औरत” एवं “विविधता में एकता” इन दो नाटकों का मंचन करते हुए नारी सशक्तिकरण तथा राष्ट्रीय एकता बनाए रखने का संदेश दिया। जिसका निर्देशन राज पप्पन जी ने किया। इस अवसर पर इप्टा अध्यक्ष देवेन्द्र शुक्ला ने कहा कि व्यक्ति की स्वतंत्रता दूसरे की स्वतंत्रता को बाधित न करे। यही सच्चे अर्थ में स्वतंत्रता है। राज पप्पन ने सभी स्वयंसेवकों को अभिनय के सूक्ष्म भेदों तथा गुणों को बताया।
इस अवसर पर एसएस फाउंडेशन के शिक्षक अभिनव, अपर्णा, वंशिका, रूपाली, पूर्वी, अंश, प्रशांत, प्रवीण, दीपक, हिमांशु, शिवम राहुल उज़मा सोम्य अभय राजे अभय शर्मा ईशा आदिल अली शिविर के सभी छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
