
खरगे और अखिलेश यादव।
– फोटो : अमर उजाला
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इंडिया गठबंधन की रणनीति पर संविधान का मुद्दा छाए होने की झलक साझी प्रेस कांफ्रेंस में भी दिखी। यहां मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव के पीछे जो बैनर लगाया गया था, उस पर महात्मा गांधी से पहले भीमराव आंबेडकर का फोटो लगाया गया था। वहीं, महात्मा गांधी के साथ ही सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव का फोटो लगाकर भी खास तरह के रणनीतिक संकेत दिए गए हैं। इंडिया गठबंधन के रणनीतिकार मान चुके हैं कि दलित और ओबीसी मतदाताओं के बीच संविधान का मुद्दा खूब दौड़ रहा है। यही वजह है कि खरगे और अखिलेश की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में संविधान और आरक्षण पर फोकस किया गया। इतना ही नहीं हर जनसभा में विपक्षी गठबंधन के नेता इन मुद्दों को जोर-शोर से उठा रहे हैं।
उनकी यह रणनीति अब प्रतीकों के माध्यम से भी प्रदर्शित हो रही है। महात्मा गांधी से पहले आंबेडकर का फोटो लगाकर दलित मतदाताओं को आकर्षित करने का प्रयास किया गया। वहीं, समाजवादी चिंतक राममनोहर लोहिया और मौलाना अबुल कलाम आजाद से पहले मुलायम सिंह यादव का फोटो लगाना भी बदली हुई चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यहां गौर करने की बात तो यह है कि खुद मुलायम सिंह यादव ने जीवनपर्यंत खुद से आगे लोहियाजी को रखा।
