आगरा। स्लोवाकिया की पूर्व प्रधानमंत्री इवेता रेडिकोवा ने रविवार को आगरा का भ्रमण किया। ताजमहल का दीदार करने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने वैश्विक राजनीति और भारत की भूमिका पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए भारत एक प्रभावी शांतिदूत की भूमिका निभा सकता है।

पूर्व प्रधानमंत्री इवेता रेडिकोवा ने कहा कि भारत में दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने का पूरा सामर्थ्य है। भारत के अमेरिका और रूस, दोनों ही महाशक्तियों के साथ बेहद मजबूत कूटनीतिक संबंध हैं। विश्व की उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में भारत का प्रभाव वैश्विक स्तर पर बढ़ा है। भारत की गुटनिरपेक्ष छवि उसे विवादों को सुलझाने के लिए एक आदर्श मंच बनाती है।

इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशन्स (आईआईएमयूएन) के कार्यक्रम में शिरकत करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सदस्यता मिलनी चाहिए। उनके अनुसार, वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत की उपेक्षा नहीं की जा सकती। इस दौरान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान भी उपस्थित रहीं।

युवा सशक्तीकरण ही भविष्य की नींव

आईआईएमयूएन के सीनियर डायरेक्टर यथार्थ भारद्वाज ने संगठन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य युवा सशक्तीकरण है। यह संगठन देश के 275 शहरों और विश्व के 40 देशों में सक्रिय है। युवाओं को संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों की समझ विकसित करने का मंच प्रदान करता है। उन्होंने विशेष रूप से आगरा और फिरोजाबाद के युवाओं की क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि यहां प्रतिभा की कमी नहीं है, बस उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज के प्रशिक्षित और जागरूक युवा ही भविष्य में देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।



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