
ब्रीडिंग के लिए रखा यंग रॉटविलर, रेस्क्यू करा कर लाई गई फीमेल लैब्राडोर
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उत्तर प्रदेश के आगरा में बेजुबानों पर ब्रीडिंग का अत्याचार किया जा रहा है। यह बेजुबान, इंसानी भाषा में अपनी पीड़ा व्यक्त नहीं कर सकते। इंसानी अत्याचार को चुपचाप सहन करते रहते है। ऐसी कहानी है स्वीटी की, जो एक लैब्राडोर डॉग है। उसने अपने मालिक के हर सितम को सहन किया। पैसा कमाने के चक्कर में उसके मालिक ने ब्रीडिंग के नर्क में फेंक दिया।
उत्तेजक इंजेक्शन लगाकर ब्रीडिंग के लिए विवश किया गया। पशु प्रेमी शिक्षिका गुंजन उसकी जिंदगी में किसी फरिश्ते बनकर आई। कैस्पर्स होम में यह लैब्राडोर अब अपने जीवन की अंतिम सांस ले रही है। ऐसी कई स्वीटी है, जो ब्रीडिंग नर्क को झेल रही है। एक रॉटविलर को भी मुक्त कराया गया। इसका प्रयोग भी ब्रीडिंग के धंधे में किया जा रहा था।
