
जगदीशपुरा थाना
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आम मुकदमों में तेजी दिखाने वाली पुलिस सरकारी कर्मियों पर दर्ज मुकदमों में लीपापोती कर रही है। बोदला जमीन कांड में फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने के मामले में निगम के तत्कालीन सेनेटरी सुपरवाइजर पर एक महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। यही हाल आगरा विकास प्राधिकरण के सचिव के फर्जी हस्ताक्षर के मामले का भी है। सचिव को नामजद किया गया था। मगर, पुलिस की विवेचना एक कदम नहीं बढ़ सकी है।
पहला मामला बोदला जमीन कांड से जुड़ा हुआ है। जमीन मालिक सरदार टहल सिंह का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कराने में शामिल आवेदक, गवाह और सेनेटरी सुपरवाइजर सहित 5 के खिलाफ थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज किया गया। टहल सिंह का भतीजा बनकर फ्रीगंज निवासी किशन मुरारी ने आवेदन किया था। मृत्यु की गवाही में रवि कुशवाह, किशोरपुरा निवासी सरला देवी और दीनानाथ का नाम था। तत्कालीन सेनेटरी सुपरवाइजर ओमप्रकाश ने स्थलीय जांच कर गवाहों के बयान दर्ज किए थे। इनमें सभी लोग आरोपी बनाए गए।
