उरई। नर्सिंग होम में प्रसूता और उसकी बेटी के मौत के मामले में जांच अधिकारी पर आरोप लगने के बाद डीएम के निर्देश पर जांच टीम ने दो और चिकित्सक शामिल किए गए हैं।

बता दें कि आटा थाना क्षेत्र के इमिलिया निवासी राकेश ने 22 अगस्त को महिलाओं के साथ कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को शिकायतीपत्र दिया था। इसमें आरोप लगाया था कि उसकी बहन आकांक्षा की डिलेवरी 30 जुलाई को राजेंद्रनगर स्थित एक नर्सिंग होम में हुई थीं। अस्पताल के संचालक ने लालच में आकर तीस हजार रुपये लेकर सुरक्षित प्रसव की बात कही थी। इसके बाद लापरवाही पूर्वक डिलेवरी की। इससे उसकी मौत हो गई।

नवजात बच्ची को प्राइवेट एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। उसकी भी मौत हो गई। इसकी शिकायत सीएमओ कार्यालय में की थी। आरोप लगाया कि जांच अधिकारी एसीएमओ डॉ. अरविंद भूषण इस मामले में लापरवाही बरत रहे हैं। डीएम के निर्देश पर सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने जांच टीम में जिला महिला चिकित्सालय के डॉ. संजीव प्रभाकर और डॉ. पवन कुमार को भी शामिल किया है। जांच टीम को तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

चिकित्सक से अभद्रता, बिना इलाज कराए चली गई महिला

उरई। जिला अस्पताल के इमरजेंसी में आई महिला ने चिकित्सक के साथ अभद्रता कर दी और बिना इलाज कराए वापस चली गई। चिकित्सक ने सीएमएस डॉ. आनंद उपाध्याय को अवगत कराया। इमरजेंसी में एक महिला और पुरुष एक करीब आठ साल की बच्ची को लेकर पहुंचे। उसे करंट लगा था। चिकित्सक दूसरे मरीज को देख रहे थे, महिला आकर चीखने चिल्लाने लगी। जब डॉ. अभय ने उसे समझाना चाहा तो उसके साथ अभद्रता पर उतारू हो गई। स्टाफ ने उसे समझाना चाहा तो वह बिना इलाज के लौट गई। (संवाद)



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