आईपीएल के दौरान सट्टेबाजी पर निगरानी कर रही पुलिस ने गूलर रोड निवासी बुकी विपिन वार्ष्णेय को दोबारा गिरफ्तार किया। उसके पास से 250 से ज्यादा फंटरों (ग्राहकों) को सट्टा खिलवाने के साक्ष्य, 1.74 लाख रुपये नकदी और करीब 20 लाख रुपये के जेवर बरामद हुए हैं। 

तलाशी में डायरी व पर्चियों और मोबाइल से सट्टे के लेनेदेन के सबूत मिले हैं। पुलिस के मुताबिक वह एप के जरिए 250 से ज्यादा लोगों को कमीशन पर सट्टा खिलवा रहा था। कई फंटरों ने रुपये के बदले जेवर गिरवी रखे थे। पूछताछ में सामने आया कि एक महीने में करीब 50 लाख रुपयेके दांव लगवाए जा रहे थे। मामले में एक अन्य आरोपी काका की तलाश जारी है। 

सीओ प्रथम मयंक पाठक के बताया कि आरोपी पहले भी सट्टेबाजी में पकड़ा जा चुका है। इस बार भी केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे अंतरिम जमानत मिल गई। हालांकि पुलिस ने इस धंधे में लिप्त लोगों की निगरानी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, तलाशी के दौरान लोहा पत्ती कारोबारी विपिन वार्ष्णेय के घर कई फंटरों के नाम पता चले हैं। फोन की जांच की तो उसमें यूपीआईडी गूगल पे पर छह सौ से लेकर 10 हजार रुपये तक के कई ट्रांजेक्शन मिले।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ में विपिन ने एप के जरिये 250 से ज्यादा लोगों को चार फीसदी कमीशन पर ऑनलाइन सट्टा खिलवाना कबूल किया है। उसके फोन में कई एप्लीकेशन मिली हैं, जिन्हें वह अलग-अलग आईडी-पासवर्ड से चला रहा था।  उसने यह भी बताया कि यह आईडी उसे गोंडा बसौली के काका नाम के व्यक्ति ने मुहैया कराई थीं। उसी के मोबाइल से वह रुपयों का लेनदेन कर रहा था।  पुलिस ने गिरफ्तार विपिन व फरार काका पर रिपोर्ट दर्ज की है। 



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