ईरान और इस्राइल के बीच छिड़े युद्ध ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है बल्कि शहर के व्यापारिक गलियारों में भी चिंता की लहर दौड़ गई है। युद्ध के कारण यूरोपीय देशों को होने वाले चमड़ा (लेदर) और हस्तशिल्प निर्यात के सामने लॉजिस्टिक्स और रूट का गंभीर संकट खड़ा होने की आशंका है। 

आगरा का जूता उद्योग, जो अपनी गुणवत्ता के लिए दुनिया भर में मशहूर है। अब युद्ध की अनिश्चितता के साए में है। युद्ध के कारण हॉर्मुज जलडमरू मध्य और लाल सागर के रास्तों पर जहाजों के लिए जोखिम बढ़ गया है। ऐसे में आगरा के निर्यातकों को अब माल केप ऑफ गुड होप अफ्रीका के नीचे से घूमकर भेजना पड़ेगा। सामान्य रूट की तुलना में अब माल पहुंचने में 30 से 50 दिन अधिक लगेंगे। लंबा रास्ता होने के कारण माल ढुलाई की लागत दोगुनी होने के आसार हैं।

कारोबार में 40 प्रतिशत गिरावट की आशंका

आगरा से दुनिया भर में सालाना करीब 4,000 करोड़ का फुटवियर निर्यात होता है। इसमें से अकेले इस्राइल और मध्य पूर्व के देशों में 250 से 500 करोड़ का कारोबार होता है। आगरा से बड़े पैमाने पर हाई-एंड लेदर जूते और सेफ्टी शूज का निर्यात होता है, जिनकी यूरोप की सुरक्षा एजेंसियों और औद्योगिक क्षेत्रों में भारी मांग है। इसके अलावा ईरान और इस्राइल में आगरा की पच्चीकारी, पीतल के बर्तन और जरी-जरदोजी के सजावटी सामान की अच्छी खपत है।

 



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