युद्ध के माहौल के बीच खाड़ी देशों में बरेली के तीन हजार से अधिक लोग फंसे हुए हैं। ये लोग नौकरी, कारोबार व टूरिस्ट वीजा पर ओमान, कुवैत, सऊदी अरब, दुबई, बहरीन और शारजाह गए हुए हैं। वहां हवाई अड्डे बंद होने से फिलहाल ये लोग फंस गए हैं। इनकी वतन वापसी में समय लग सकता है। इधर परिजन उनकी जल्द वापसी की दुआ कर रहे हैं।
हजियापुर के मुस्तकीम रजा खान ओमान मस्कट में काम करने गए हैं। साथ में उनके दोस्त तिलहर निवासी फरमान और खालिद हैं। मुस्तकीम ने बताया कि उनकी रिहाइश से करीब 45 किलोमीटर दूरी पर मिसाइल से हमला हुआ। इससे यहां सभी दहशत में हैं। माहौल सही होने की दुआ कर रहे हैं। बताया कि वीजा के मुताबिक अभी घर वापसी में छह महीने का वक्त है, लेकिन हालात ऐसे रहे तो जल्द ही लौटने की कोशिश करेंगे।
जसोली के अतहर कुवैत में हैं और उनके भाई जहर जेद्दा में हैं। अतहर ने अपनी मां फहमीदा बेगम से बात कर खैरियत की खबर दी। बताया कि कुवैत में अफरा-तफरी का माहौल है। सेना का मूवमेंट बढ़ गया है। सायरन की आवाजें गूंज रहीं हैं। दहशत हावी है। जखीरा के जुनेद खान सऊदी अरब में हैं। उनकी मां शाहाना ने कॉल करके खैरियत ली। उनका कहना है जंग के हालात से घर के सभी लोग परेशान हैं। हालात बेहतर होने की दुआ कर रहे हैं।