उरई। जलसंस्थान राजस्व वसूली लक्ष्य में फिसड्डी साबित हुआ है। इससे पानी की सप्लाई और मरम्मत कार्यों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। 16 करोड़ रुपये की रिकवरी के लक्ष्य के मुकाबले संस्थान अब तक केवल 3.58 करोड़ रुपये ही जुटा पाया है। यह रिकवरी पिछले साल की आधी है। अब मात्र आठ दिन में लक्ष्य पूरा करने की चुनौती सामने है।
जल संस्थान जिले की चार पालिकाओं उरई, कालपी, कोंच और जालौन के साथ छह पंचायतों रामपुरा, माधौगढ़, नदीगांव, ऊमरी, कदौरा और कोटरा में पानी की सप्लाई करता है। इन निकायों में 84 हजार उपभोक्ता हैं, जिन पर जल संस्थान का करीब 16 करोड़ रुपये का राजस्व बकाया है। संस्थान ने एक साल तक वसूली के प्रयास किए, लेकिन अब तक सिर्फ 3.58 करोड़ रुपये ही वसूले जा सके हैं।
जलसंस्थान अब तक 4200 आरसी जारी कर चुका है, लेकिन फिर भी उपभोक्ता बकाया राशि चुकाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि आठ दिनों में करीब चार करोड़ रुपये तक वसूली हो सकती है, लेकिन यह लक्ष्य का केवल एक चौथाई हिस्सा ही होगा।
बड़े बकायेदारों पर करोड़ों का बकाया
जलसंस्थान की वसूली में सबसे बड़ी अड़चन बड़े बकायेदारों का बकाया न जमा करना है। सरकारी विभागों और संस्थानों पर भी लाखों-करोड़ों रुपये का बकाया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
विभाग——बकाया
मेडिकल कॉलेज पर बकाया- 1.70 करोड़ रुपये
गल्ला मंडी पर बकाया- 9.53 लाख रुपये
तहसील पर बकाया- 7 लाख
55 सरकारी कार्यालयों पर कुल बकाया- 5 करोड़ रुपये
वर्जन-
राजस्व वसूली के लिए अब टीमें घर-घर जाएंगी। बड़े बकायेदारों के कनेक्शन काटे जाएंगे। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक बिल नहीं लिए हैं, वह जल्द से जल्द बिल लेकर राशि जमा करें। ऐसा न करने पर उनके कनेक्शन काट दिए जाएंगे।
-सोमप्रकाश, अधिशासी अभियंता, जलसंस्थान