
पर्वत सिंह बादल ( ब्यूरो चीफ जालौन) ✍️
(उरईजालौन) कोंच: आज जनपद में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने तहसील कौंच तथा नगर पालिका परिषद उरई का निरीक्षण कर विभिन्न पटलों की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की।
तहसील कौंच पहुंचकर जिलाधिकारी ने विभिन्न पटलों का मुआयना करते हुए पत्रावलियों के रख-रखाव, रिकॉर्ड संधारण व्यवस्था एवं अभिलेखों की स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया। सर्विस बुक एवं जीपीएफ पासबुक के अवलोकन के दौरान पाई गई विसंगतियों के निराकरण हेतु नायब तहसीलदार को आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने संपूर्ण समाधान दिवस एवं जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों के प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्ता पूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिकायत पंजिका में दर्ज चार शिकायतकर्ताओं से स्वयं दूरभाष पर वार्ता कर निस्तारण की वास्तविक स्थिति जानी, जिसमें सभी संतुष्ट पाए गए।
तहसील न्यायालय में लंबित वादों की समीक्षा करते हुए तीन वर्ष एवं पांच वर्ष से अधिक पुराने प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। साथ ही आरसीसीएमएस पोर्टल पर लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण एवं रियल टाइम खतौनी पोर्टल पर अभिलेख अद्यतन रखने को कहा।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष रूप से 10 बड़े बकायेदारों की सूची तलब करते हुए उनकी संपत्तियों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही कर राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली शासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खतौनी कक्ष, लिपिक कार्यालय, पूर्ति निरीक्षक कार्यालय एवं संग्रह अमीन कार्यालय का निरीक्षण कर रिकॉर्ड सुव्यवस्थित रखने एवं लंबित प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों में पारदर्शिता एवं समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा किसी भी फरियादी को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने नगर पालिका परिषद उरई का निरीक्षण कर नगर क्षेत्र की व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा सभी वार्डों के सभासदों के साथ संवाद किया। सभासदों द्वारा खराब सड़कों, स्ट्रीट लाइट एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याएं रखी गईं। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित के कार्यों में लापरवाही न बरती जाए और प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए। अंधेरे वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर शीघ्र स्ट्रीट लाइट व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
साथ ही नगर पालिका की आय बढ़ाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने गृहकर, दुकानाता, लाइसेंस फीस, ई-रिक्शा/ऑटो लाइसेंस शुल्क, विज्ञापन शुल्क, पार्किंग शुल्क तथा स्टांप शुल्क की दरों की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार वृद्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि नगर विकास कार्यों को गति मिल सके और संसाधनों में बढ़ोतरी हो।
उन्होंने कहा कि नगर विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। आमजन को बेहतर सड़क, प्रकाश एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी ज्योति सिंह, उप जिलाधिकारी बिरेन्द्र गुप्ता, अधिशासी अधिकारी राम अचल कुरील, वार्ड सभासद एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।









