पोस्टमैन का बिहार राज्य में स्थानांतरण हो गया। उसे रिलीव करने व वेतन संबंधी कार्य के लिए डाकघर में तैनात एसडीआई ने पोस्टमैन से 15 हजार रुपये की मांग की। जिस पर उसने पांच हजार रुपये दे दिए थे। इसके बाद भी उससे दस हजार रुपये की मांग की जा रही थी। इससे परेशान होकर उसने सीबीआई लखनऊ से शिकायत की थी। मंगलवार को टीम ने एसडीआई समेत तीन लोगों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद टीम उन्हें लखनऊ ले जाएगी।

बिहार के जिला रोहतास के थाना कच्छवा महीपत बिगहा निवासी किशुन कुमार एट में डीजीएस के पद पर तैनात था। उसने ऑनलाइन पोर्टल पर ट्रांसफर के लिए आवेदन किया था। तीन दिसंबर को ट्रांसफर की लिस्ट जारी की गई थी। जिसमें उसका भी नाम था। जब उसने सब डिविजनल ऑफिस कोंच में तैनात एसडीआई प्रतीक भार्गव से बात की तो उन्होंने उसे मिलने के लिए बुलाया।

जब वह उनसे मिला तो प्रतीक ने कहा कि रिलीव पत्र जारी करने व अक्तूबर माह की सैलरी रिलीव करने के लिए 15 हजार रुपये की मांग की और उसे डराया धमकाया। जिस पर उसने पांच हजार रुपये दे दिए थे। तीन दिन पहले जब किशुन कुमार ने वेतन लगाने की बात कही तो एसडीआई ने शेष 10 हजार रुपये की मांग दोबारा कर दी। इससे परेशान होकर कृष्ण कुमार ने इसकी शिकायत सीबीआई लखनऊ से कर दी। सीबीआई टीम की योजना के अनुसार, पीड़ित से मंगलवार को मिली। इसके बाद पीड़ित ढाई हजार रुपये लेकर एसडीआई के पास पहुंचा तो उन्होंने रुपये अकोढ़ी शाखा डाकपाल को देने के लिए कहा। इसके बाद कृष्ण कुमार ने ढाई हजार रुपये प्रतीक भार्गव के सहयोगी सुमित यादव, शाखा डाकपाल अकोढ़ी को दिए।

उसी दौरान सीबीआई की टीम ने डाकघर में दबिश देकर सुमित यादव की जेब से ढाई हजार रुपये बरामद कर लिए। इस कार्रवाई में आमिर खान, शाखा डाकपाल चंदुर्रा को भी हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने यह रकम एसडीआई प्रतीक भार्गव के निर्देश पर ली थी। इसके बाद सीबीआई की टीम दोनों को लेकर कोंच मुख्य डाकघर पहुंची और एसडीआई प्रतीक भार्गव के कक्ष में जाकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। कुछ देर बाद बाहर निकलकर टीम ने अपने पहचान पत्र दिखाए और कर्मचारियों को बताया कि वे सीबीआई से हैं तथा एसडीआई को अपने साथ ले जा रहे हैं। कोंच के पोस्टमास्टर विनोद कुमार ने बताया कि सीबीआई के अधिकारी आए थे और बिना किसी जानकारी के एसडीआई प्रतीक भार्गव को अपने साथ ले गए। उन्होंने यह भी बताया कि टीम ने कार्यालय के किसी अभिलेख की जांच नहीं की। एसडीआई का कमरा बंद था, अंदर क्या कार्रवाई हुई इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। वहीं एट पोस्टमास्टर अजय प्रताप ने बताया कि पोस्टमैन किशुन कुमार उनके यहां अटैच थे और संविदा कर्मी थे। उन्हीं की शिकायत पर सीबीआई ने यह कार्रवाई की है।



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