
Jalaun न्यायाधीश / अध्यक्ष जि० वि०से० प्रा० ने जिला कारागार उरई का मासिक व विभिन्न बैरकों का भ्रमण किया
ByParvat Singh Badal (Bureau Chief Jalaun)✍️
Jul 31, 2025 #baking ingredients, #Inspection of bread making machine
पर्वत सिंह बादल उरई ( ब्यूरो चीफ जालौन) ✍️ 🧶 🧶 🧶 🧶 🧶(उरईजालौन) उरई: उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जि०वि०से०प्रा० अचल सचदेव ने आज जिला कारागार उरई का मासिक भ्रमण किया। उन्होंने विभिन्न बैरकों का भ्रमण किया और वहां निरूद्ध बन्दियों से पूछ-तांछ करते हुये उनकी समस्यों को जाना समझा तथा जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इस मौके पर अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती पारुल पँवार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अभिषेक खरे एवं जेल प्रशासन के अधिकारीगण मौजूद रहे।
निरीक्षण में जिला जज ने बन्दियों के मुकदमों की पैरवी, उनको दी जाने वाली विधिक सहायता/सलाह और महिला बन्दी व उनके साथ रह रहे बच्चों की चिकित्सा व खान-पान इत्यादि के बारे में जाना-परखा तथा छोटे बच्चों की शिक्षा-दीक्षा हेतु सम्बन्धित विभाग से समन्वय स्थापित करने हेतु निर्देशित किया। जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि कोई भी ऐसा बन्दी जिसका निजी अधिवक्ता न हो अथवा विधिवत् ढंग से न्यायालयों में पैरवी न हो पा रही हो, को विधिक सहायता दिलाये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। यदि किसी विचाराधीन बन्दी को पैरवी हेतु सरकारी खर्चे पर अधिवक्ता की आवश्यकता हो तो सम्बन्धित न्यायालय में बन्दी की ओर से प्रार्थनापत्र दिलवाया जाना सुनिश्चित करें ताकि एमाइकस क्यूरी (न्यायमित्र) की सुविधा उपलब्ध हो सके। इसीप्रकार जो बन्दी दोषसिद्ध हो चुके हैं, की अपील न हो पाने की स्थिति में नियमानुसार जेल अपील करायी जाये। इसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से आवश्यक समन्वय बनाकर ऐसे प्रकरणों का निर्धारित समयावधि में निस्तारण किया जाये ताकि अपील की मियाद समाप्त न होने पाये। जेल अपील कराये जाने में यदि कोई विधिक समस्या आ रही है तो उसको सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संज्ञान में लाते हुये द्वारा उचित माध्यम माननीय उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति से यथा आवश्यक पत्राचार किया जाये। जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि समस्त बन्दीगण को प्ली बार्गेनिंग स्कीम की जानकारी प्रदान करने हेतु जिल विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन स्थान उरई से समन्वय स्थापित कर विधिक जागरुकता शिविरों का आयोजन निरन्तर कराया जाना सुनिश्चित करें। जिन विचाराधीन बन्दियों की जमानत सक्षम न्यायालय से हो चुकी हैं एवं जमानतगीर के अभाव में जेल में रिहा नहीं हो पा रहे हैं, ऐसे बन्दियों की सूची कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अविलम्ब उपलब्ध कराये जिससे कि उनकी रिहाई सम्भव हो सके। जिला कारागार में स्थित पाकशाला का निरीक्षण करते समय रोटी बनाने की मशीन तथा पाक सामग्री ठीक पायी गयी।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक श्री नीरज देव, कारापाल श्री प्रदीप कुमार, जेल चिकित्सक डॉ० राहुल बर्मन, उप कारापाल श्री अमर सिंह एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन के लिपिक श्री शुभम् शुक्ला उपस्थित रहे।