संवाद न्यूज एजेंसी
उरई/मुहम्मदाबाद। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से नीचे उतरने के बाद सर्विस लेन पर जैसे ही हाईवे के पास पिकअप पहुंचा, चालक ने ब्रेक लगा दिया। पीछे से तेज गति से आ रहे ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी जिससे पिकअप पलट गया। कोई पिकअप के नीचे दबा तो कोई उछलकर हाईवे पर गिरा। कई बार फोन करने के बाद भी सरकारी एंबुलेंस नहीं पहुंची तो निजी एंबुलेंस से घायलों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। इस हादसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दुख जताया है और हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
मध्य प्रदेश के दतिया, ओरछा दर्शन और झांसी किला घूमने के बाद रविवार रात पिकअप वाहन से एक्सप्रेस-वे होते हुए उरई आ रहे थे। शहर कोतवाली के कैथेरी टोल प्लाजा पार करने के बाद जैसे ही उनका वाहन एक्सप्रेस-वे की सर्विस लेन पर चलता हुआ हाइवे के पास पहुंचा, चालक ने ब्रेक लगा दिया। बताया जा रहा है कि चालक हमीरपुर का था। इसलिए रास्ते के चुनाव को लेकर असमंजस में था। बैठे लोग भी उसे अलग-अलग रास्ता बता रहे थे। इस वजह से उसने रोककर सही रास्ता चुनने का प्लान किया और अचानक ब्रेक लगा दिया। पीछे से आ रहा ट्रक तेज गति से था और उसकी टक्कर से पिकअप पलट गया। जिससे बड़ा हादसा हो गया।
मौके पर एसपी डॉ. ईरज राजा, प्रशासनिक अधिकारी व थानों की पुलिस पहुंची। घायलों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। लेकिन तब तक एक मासूम समेत चार दम तोड़ चुके थे। 14 गंभीर घायल हो गए। मेडिकल कॉलेज में डीएम राजेश कुमार पांडेय और एसपी डॉ. ईरज राजा ने घायलों का हाल जाना। इलाज की पूरी जानकारी हर घंटे मांगी गई है।
हादसे में मृत्यु होने पर मुन्नी देवी के परिजनों को कृषक बीमा के तहत पांच लाख रुपये की मदद दी जाएगी। आर्थिक सहायता को लेकर जांच कर रिपोर्ट्स शासन को भेजी जाएगी। हर संभव पीड़ित परिवारों की मदद होगी। यातायात सप्ताह के तहत और इससे बगैर भी ऐसे वाहनों व सफर को लेकर कार्रवाई को निर्देशित किया है। लोडर वाहन में सवारियां नहीं ले जाई जाएंगी। – – राजेश कुमार पांडेय, जिलाधिकारी
एक माह से पिकनिक के लिए उत्साहित थे बच्चे
डकोर के मोहाना गांव निवासी दुर्वासा उर्फ लालू जल निगम में संविदा पर नौकरी करता था। एक वर्ष से वह गांव में कोचिंग पढ़ाने लगा था। उससे गांव के ही करीब तीस बच्चे कोचिंग पढ़ते थे। बच्चों को घुमाने का प्लान एक महीने पहले किया था। उत्साहित बच्चों ने इसके लिए ढाई-ढाई सौ रुपये भी जमा किए थे।
पिकनिक के लिए मंगाया बहनोई का पिकअप
कोचिंग टीचर लालू ने पिकनिक की योजना बनाई। इसके लिए पिकअप वाहन हमीरपुर के रहने वाले अपने बहनोई सुरेंद्र को बहन अंजलि के साथ आने को कहा। हादसे में अंजलि गंभीर घायल हो गई। हालांकि पिकअप चालक सुरेंद्र को हल्की चोटें आई हैं। भंडारे में शामिल होने के चलते देरी हो गई थी।
फोटो – 35 सूना पड़ा लालू का मकान
मुझे मां की याद आ रही है…
मुझे मां की याद आ रही है। छोतू कहां है। तातली आवाज में बार बार यह कहकर पांच साल का अक्षय रोता बिलखता, जो मिलता उससे यह पूछ रहा था। उसे देख गांव वाले भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे। पिकअप में बैठी दीपांजलि बताती हैं कि दो साल का अनुरुद्ध अपनी मां की गोद में सो रहा था। अक्षय पास ही बैठा था। हादसे में अनुरुद्ध व उसकी मां, दादी की मौत हो गई। अक्षय उसके बाद से ही लगातार रो रहा है। पिता भी गंभीर हालत में है, बच्चे को संभालना मुश्किल हो रहा है।
फोटो – 36 जानकारी देता बाबा लक्ष्मण राजपूत
बब्बा सब जा रहे… हमऊं को चले जान देओ…
बब्बा सब जा रहे… हमऊं को चले जान देओ…। नैंसी ने प्यार से अपने दादा जी से अनुमति मांगी तो बाबा लक्ष्मण राजपूत ज्यादा देर तक मना नहीं कर सके और कहा… बेटा सई से रइयो… मास्साब की बात मानियो…। यह बताते हुए बुजुर्ग दादा की पलके गीली हो गईं और वह फूट-फूट कर रोने लगे। बुजुर्ग लक्ष्मण राजपूत ने बताया कि नैंसी मां विनीता व पिता रामसहोदर की इकलौती संतान थी। गांव के ही विद्यालय में कक्षा आठ की छात्रा थी और काफी होशियार थी। पढ़कर अफसर बनना चाहती थी। पिता एक सप्ताह पहले ही मद्रास चला गया था। इस हादसे ने इस घर को निसंतान कर दिया।
गांव में पसरा मातम, स्कूलों की छुट्टी
हादसे से गांव में मातम पसर गया। बच्चों की फिक्र में गांव वाले मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। बच्चों की हालत देख परिजन आंसू नहीं रोक पा रहे थे। सोमवार को गांव के स्कूलों की छुट्टी कर दी गई। किसी के घर चूल्हा नहीं जला।
समय पर नहीं पहुंची सरकारी एंबुलेंस, लगाते रहे फोन
सरकारी एंबुलेंस की व्यवस्था चरमराई दिखी। हादसे के बाद कॉल किया गया। लेकिन समय पर सरकारी एंबुलेंस नहीं पहुंची। पांच निजी एंबुलेंस से घायलों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। रेफर के बाद दुर्वासा को भी निजी एंबुलेंस से परिजन लेकर गए।
यह हुए घायल
मुहाना गांव निवासी दुर्वासा उर्फ लालू मास्टर (32), आयुष (10), ओमनी (16),अंजली (33), आकांक्षा (14), रितिका (15), विशाल (12), बाबू (06), उषा (34), रंजीत (36), उर्मिला (40), रजनी (13), जिगर (13), मयंक (11) आदि गंभीर रूप से घायल हैं। वहीं वाहन में छात्रा दीपाजंलि, रजनी, राजनंदनी, आरूषि, अनुज, विशाल, आकांक्षा, प्रीति, वंदना, अंजनि, ऋषु, गोलू, ओमनी, दिव्यांशू, जिगर, मंयक, रजनी, रितिका उर्फ नेहा, आयुष, अंश, बिट्टू, सूर्यांश, उत्कर्ष, देवेंद्र, लकी भी वाहन में थे।
ट्रक का नहीं चला पता
हादसे के बाद ट्रक मौके से फरार हो गया। घटना स्थल पर कोल्ड स्टोर पर लगा कैमरा भी उस ट्रक को कैच नहीं कर सका। एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि तीन ट्रकों को चिन्हित किया गया है। जांच कराई जा रही है। जल्द ही दुर्घटना करने वाले चालक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
स्वतंत्र फोटो:::::::
खतरों का सफर…
उरई/मुहम्मदाबाद। ट्रैक्टर ट्रॉली या लोडर वाहन सवारियों के लिए नहीं है। प्रतिबंधित होने के बावजूद इन वाहनों में लोगों की ढुलाई होती दिखती है। रविवार की रात हुए इस बड़े हादसे में भी यह बड़ी वजह रही है। पिकअप वाहन, जिसमें सामान लोड किया जाता है, लोग उसी में सवार होकर आ रहे थे। यदि सवारी वाहन होता तो शायद इतना बड़ा हादसा नहीं होता। बड़ी लापरवाही तो यह है कि लोडर वाहन में सवारियों का सफर जिम्मेदारों को भी नजर नहीं आता।
फोटो : 44
कुसमिलिया गांव के पास पिकअप वाहन में पीछे साइड में करीब आधा दर्जन लोग बैठे हैं। वाहन में सामान लदा है। जिस तरह का दृश्य है, उससे लग रहा है कि एक गड्ढे में भी वाहन उछला तो सभी नीचे गिरकर हादसे का शिकार हो सकते हैं।
फोटो : 45
उरई राठ मार्ग पर पिकअप वाहन में लदे सामान के ऊपर लोग बैठे हैं। केवल अचानक ब्रेक लगने भर से बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन मार्ग पर न ही ट्रैफिक पुलिस को यह दिखा और न ही परिवहन विभाग को यह नजर आया।
