उरई। एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के दो चरण बीतने के बावजूद लक्ष्य का 75 प्रतिशत अधूरा होने के चलते लापरवाही एसडीओ और जेई उच्चाधिकारियों की रडार पर आ गए हैं। अधीक्षण अभियंता ने इन लोगों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। इनके क्षेत्र भी बदले जा सकते हैं।

बिजली विभाग ने पहले चरण में मात्र आठ फीसद उपभोक्ताओं से बकाया वसूला था। वहीं दूसरे चरण में वह प्रगति सिर्फ 14.23 प्रतिशत ही कर सका। लक्ष्य का आधा आंकड़ा भी पूरा नहीं कर पाने की वजह से अधिकारियों में खलबली मची है। तीसरे चरण में कड़ी चुनौती होने से पसीने छूट रहे हैं।

अधीक्षण अभियंता आरके यादव ने बताया कि दोनों डिविजन के नौ बिजलीघरों में दो लाख 276 उपभोक्ताओं को तीन अरब 76 करोड़ 39 लाख रुपये बकाया बिल जमा करना था। इनमें 28600 ने रजिस्ट्रेशन कराते हुए 14 करोड़ रुपये जमा किए। चोरी मामले में 14292 को 87.80 करोड़ रुपये जमा करना था। इसमें 635 उपभोक्ताओं से दो करोड़ रुपये की वसूली हुई। करीब 15 प्रतिशत ही ओटीएस हो सका।

इस असफलता पर लापरवाही बरत रहे सभी एसडीओ और जेई के खिलाफ नोटिस जारी के आदेश कर दिए हैं। इनसे जवाब मांगा गया है।



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