संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Wed, 21 Jun 2023 11:51 PM IST
उरई। जिले की कालपी तहसील में निर्मित हो रहे हस्तनिर्मित कागज को भारत सरकार के जियोग्राफिकल इंडीकेशन न्यायालय चैन्नई द्वारा जियोग्राफिकल इंडीकेशन का दर्जा दिया गया है। इससे इस उत्पाद को उसकी भौगोलिक विशेषताओं और उसकी गुणवत्ता के आधार पर विशेष स्थान प्राप्त होगा। साथ ही इस उत्पाद को अवैध रूप से उपयोग करने जैसी (कॉपीराइट) घटना से रोकने के लिए मदद मिलेगी। हस्तनिर्मित कागज को जीआई टैग पंजीकरण और संरक्षण अधिनियम-1999 के तहत प्रदान किया गया है।
जीआई टैग उत्पादों को दिया जाने वाला एक विशेष प्रकार का लेबल होता है जिसमें किसी उत्पाद को उसकी भौगोलिक स्थिति के आधार पर विशेष पहचान प्रदान की जाती है। जीआई टैग उद्योग संबंधन और आंतरिक व्यापार विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत रजिस्ट्री द्वारा जारी किया जाता है। वर्ष 2020 में हस्तनिर्मित कागज निर्माता समिति कालपी तथा उपायुक्त उद्योग के संयुक्त प्रयासों से जीआई टैग के लिए कंट्रोलर जनरल ऑफ पेटेंट्स एंड ट्रेडमार्क को आवेदन किया गया था। जो तीन वर्ष की लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 14 जून को जीआई टैग मिला। डीएम चांदनी सिंह ने बताया कि अब हैंडमेड पेपर उत्पाद को पूरे विश्व में अपनी कानूनी पहचान बनाने में पूरी सहायता मिलेगी। अब यह देश की बौद्धिक संपदा में शामिल हो गए हैं। अब यह उत्पाद पूरी दुनिया में जीआई टैग के साथ जाएंगे। प्रदेश में अब तक कुल 52 उत्पादों को जीआई टैग का दर्जा प्राप्त हो गया है।
