संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Wed, 19 Jul 2023 01:05 AM IST
उरई। किशोरी को बुरी नीयत से पकड़ने और धमकी देने के मामले में दोषी युवक को विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट शिवकुमार की अदालत ने तीन साल कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा अलग-अलग धाराओं में 22 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। मामला आठ साल पुराना है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता रणकेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि कोंच कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी 10 अप्रैल 2015 की शाम करीब साढ़े चार बजे गेंहू की कटाई करने के बाद घर लौट रही थी। शहीद की चक्की के पास रहीस उर्फ रहीम ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ उसकी बेटी को बुरी नीयत से पकड़ लिया। बेटी के चिल्लाने पर जान से मारने की धमकी देकर भाग गए।
पुलिस ने मामला दर्ज कर इस मामले की जांच कोंच कोतवाली के दरोगा राजवीर सिंह को सौंपी थी। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी। मंगलवार को विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट शिवकुमार द्वितीय की अदालत ने रहीस उर्फ रहीम निवासी आराजीलेन कोंच को दोषी पाते हुए तीन साल की कैद और 22 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
