उरई। किशोरी से दुष्कर्म में सगे चाचा को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। करीब तीन साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट (मय रेप) मोहम्मद कमर की अदालत में दोषी पर 60 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।

शासकीय अधिवक्ता बृजराज सिंह राजपूत ने बताया कि कालपी कोतवाली के एक मोहल्ला निवासी किशोरी ने चाची के साथ थाने पहुंचकर पांच मई 2022 को तहरीर दी थी। बताया कि मां का बचपन में देहांत हो गया। पिता ट्रक ड्राइवर हैं। वह घर ज्यादा समय नहीं रह पाते हैं। 12 जनवरी 2021 को वह कमरे में अकेली थी। उसके चाचा ने धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद बार-बार शोषण करता रहा।

आरोपी चाचा और दादी उसको कदौरा थाना क्षेत्र के एक गांव में ले गए। चार महीने बाद उसको पिता वापस घर ले आए। चाचा कई बार दुष्कर्म का प्रयास करता रहा। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद छह मई 2022 को पुलिस ने आलमपुर के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मेडिकल परीक्षण के बाद किशोरी को न्यायालय में पेश किया गया।

बयान में बताया कि चाचा ने कई बार दुष्कर्म किया। दादी से शिकायत की तो उन्होंने उसी को डांटा। विवेचना कर दादी व चाचा के खिलाफ न्यायालय में 16 जून 2022 को चार्जशीट दाखिल की गई। पॉक्सो कोर्ट में चले ट्रायल के बाद गुरुवार को सुनवाई हुई। अभियुक्त की पैरवी कर रहे अधिवक्ता एसपी गौतम व शासकीय अधिवक्ता बृजराज सिंह राजपूत के बीच जिरह, गवाहों के बयानों के आधार पर दादी को दोषमुक्त कर दिया। चाचा बलवंत को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजाई सुनाई।



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