उरई। सीएम डैशबोर्ड व विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में अनुपस्थित परियोजना प्रबंधकों से डीएम ने स्पष्टीकरण मांगा है। कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने ने सीएम आईएस पोर्टल पर एक करोड़ से अधिक लागत की परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने उत्तर प्रदेश सिडको की पांच निर्माणाधीन परियोजनाएं, लोक निर्माण की 24, सिंचाई एवं जल संस्थान विभाग की 17, उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम लिमिटेड की चार, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की 16, उत्तर प्रदेश आरएनएसएस की पांच व डीएलसीएफ विभाग की दो, सीएनडीएस विभाग की तीन, उत्तर प्रदेश जल निगम की एक, राज्य सेतु निगम की छह व यूपीपीसीएल की एक की निर्माणाधीन परियोजना निर्धारित अवधि में पूरी न होने पर फटकार लगाई। एक माह के अंदर पूरा करने के निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड, उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड, उत्तर प्रदेश सिडको व आरएनएसएस विभाग के परियोजना प्रबंधक के अनुपस्थित रहने पर डीएम राजेश कुमार पांडेय ने चेतावनी के साथ स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने पीएम व सीएम आवास योजना की धीमी गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरईएस की समीक्षा में कार्य असंतोषजनक होने पर निर्देशित किया कि रुचि के साथ कार्य करें और कार्यों को पूर्ण कर प्रगति में सुधार लाएं। डीपीआरओ व बीएसए को भी सुधार की चेतावनी दी।
कन्या सुमंगला योजना की लगातार तीन माह से खराब प्रगति पर डीएम ने प्रोबेशन अधिकारी को 15 दिवस के अंदर सुधार के निर्देश दिए। इस दौरान सीडीओ भीमजी उपाध्याय, डीएफओ जयप्रकाश नारायण तिवारी, पीडी शिवकांत द्विवेदी, सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा, सीवीओ डॉ. निर्मल कुमार, उप कृषि निदेशक एसके उत्तम, डीडीओ सुभाष चंद्र त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
