संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। जिला कार्यक्रम अधिकारी इफ्तेखार अहमद ने बुधवार को जालौन ब्लाॉक के ग्राम अकोढ़ी, पहाड़पुरा, उरगांव, भिटारा एवं हरदोई राजा में संचालित 15 आंगनबाडी केंद्रों एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय जालौन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र संचालन में पाई गई कमियों और लापरवाही पर उरगांव के सभी आंगनबाडी वर्करों और सहायिकाओं समेत सात आंगनबाड़ी वर्कर और पांच आंगनबाड़ी सहायिका का मानदेय रोका गया। दो क्षेत्रीय मुख्य सेविका को परिषेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में लापरवाही मिलने पर अंतिम चेतावनी दी गई।
निरीक्षण में ग्राम अकोढ़ी के विभागीय भवन में आंगनबाडी के रिक्त पद होने के कारण दो केंद्रों का संचालन कर रही सहायिका सुशीला देवी का कार्य संतोषजनक पाया गया। पहाड़पुरा में सहायिका ज्ञानदेवी, रामकेशनी देवी, उरगांव के आंगनबाड़ी केंद्रों की वर्कर कांती कुशवाहा, महादेवी, चंद्रा देवी निरंजन, अंजना विश्वकर्मा, रूबी एवं सहायिका मनोज, सुनीता, विमला, ग्राम हरदोई राजा की वर्कर संजो देवी एवं ग्राम भिटारा की आंगनवाडी कार्यकत्री पुष्पलता के गैरहाजिर मिलने पर जुलाई माह का वेतन रोका गया है। बाल विकास परियोजना कार्यालय के निरीक्षण में अभिलेख व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान सभी आंगनबाड़ी वर्करों को निर्देशित किया गया कि केंद्र पर विभागीय ड्रेस में उपस्थित होकर नियमानुसार केंद्र का संचालन करें। विभागीय योजनाओं का लाभ सभी पात्रों को दिया जाए। संभव अभियान के अंतर्गत नियमानुसार गतिविधियों का आयोजन कराया जाए और आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को वीएचएसएनडी सत्र पर लाये व उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराते हुए चिन्हित बच्चों को ई-कवच पर फीड कराया जाए। पोषण ट्रैकर पर फीडिंग प्रतिमाह ससमय पूर्ण कराई जाए। केंद्रों पर बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
