माधौगढ़। गोशाला में संरक्षित गोवंश को बचाने के लिए सरकार हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर रही है।

फिर भी ठंड से बचाव के लिए गोशाला में न तो तिरपाल लगाया गया और न आग जलाने का प्रबंध किया गया। गोवंश ठंड से जूझ रहे हैं।

ब्लॉक में दो दर्जन गोशाला संचालित हैं। जिसमें लगभग 2,400 गोवंश संरक्षित हैं। गोवंश की देखरेख के लिए लगाए गए अस्थाई कर्मचारियों को मनरेगा से मानदेय दिया जाता है। वहीं सरकार हर साल भूसा, चारा के लिए ग्राम पंचायतों के खातों में पैसा भेजती है। इसके बावजूद साल भर भूसा नहीं चलता है। जिससे गोशाला में बंद गोवंशों को भरपेट भोजन नहीं मिल पाता है। गोवंशों की हालत सुधरने के बजाय दिन पर दिन खराब होती जा रही है।

अधिकारी गोशाला का निरीक्षण करने के नाम पर खानापूरी में करते हैं। भूख से गोवंश मर रहे हैं। एक माह पहले आधा दर्जन मृत गोवंशों को मिर्जापुर के पास डाल दिया गया। सुबह किसानों की सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने मृत गोवंशों को दफना दिया। दो माह पहले एनजीटी के निरीक्षण में गोशाला की हालत बदतर होने की बात कही थी। इसके बावजूद भी ब्लॉक अधिकारियों ने न ही गोशाला में सुधार किया और न ही कार्रवाई की। जिससे गोशाला में बंद गोवंशों की हालत खराब है।

माधौगढ़। मानपुरा के 15 किसानों ने नायब तहसीलदार को शिकायत करते हुए बताया कि गोपालपुरा के अन्ना गोवंश खेतों में खड़ी फसलों को चट कर रहे हैं। नायब तहसीलदार ने एडीओ पंचायत महावीर शरण गुप्ता को जांच सौंपी है।

रेंढ़र थाना क्षेत्र के मानपुरा निवासी किसान अशोक कुमार, राजाराम, सुंदर सिंह, लक्ष्मण सिंह, वीरभान, अमरचंद व अमर सिंह ने नायब तहसीलदार भुवनेंद्र कुमार को शिकायत करते हुए बताया कि गोपालपुरा के पशुपालक पशुओं को छुटटा छोड़ देते हैं। जिससे खेतों में खड़ी फसलों को चट कर रहे हैं। मना करने पर पशुपालक लड़ने को उतारू हो जाते हैं। नायब तहसीलदार ने जांच सौंपी है। (संवाद)



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