उरई। लखनऊ पुणे एक्सप्रेस में सीट को लेकर गुरुवार को यात्रियों में मारपीट हो गई। उरई स्टेशन पर सवारियों को बैठाने आए लोगों ने यात्रियों के साथ मारपीट की। इसके चलते ट्रेन करीब 15 मिनट अतिरिक्त रुकी रही। मौके पर पहुंचे सुरक्षाबलों ने किसी तरह यात्रियों को समझा-बुझाकर ट्रेन में बैठाया और गंतव्य की ओर रवाना किया।
लखनऊ से पुणे जाने वाली ट्रेन नंबर 11408 के स्लीपर कोच के एस-4 बोगी में कानपुर से एक बारात पुणे जा रही थी। कोच में उनकी 40 सीटों पर रिजर्वेशन था। जबकि उरई से भी कोटरा निवासी शाकिर, मन्नो समेत कुछ यात्रियों की उसी कोच में सीटें थीं। गुरुवार की सुबह 10:09 बजे ट्रेन उरई रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर पहुंची तो बोगी के दरवाजे बंद थे। बाहर खड़े यात्रियों ने दरवाजा खटखटाकर खुलवाया तो बोगी में सवार कुछ यात्रियों ने गेट खोलकर तीन चार यात्रियों को तो अंदर कर लिया और गेट बंद कर दिया।
इस पर बाहर खड़े यात्रियों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने ट्रेन में चढ़ने के चक्कर में लात घूसे बरसाने शुरू कर दिया। इस पर ट्रेन के अंदर से कुछ यात्री गेट खोलकर बाहर आ गई। इस पर दोनों पक्षों पक्षों में मारपीट होने लगी। इसी बीच ट्रेन चलने लगी। इस पर किसी यात्री ने चेन पुलिंग कर दी। ट्रेन के गार्ड वीके पाठक ने इसकी सूचना झांसी कंट्रोल रूम और ड्यूटी पर तैनात डिप्टी एसएस केसी सोनी को दी।
इस पर आरपीएफ के दरोगा डीपी सिंह व एके सिंह व जीआरपी के जवान मौके पर पहुंचे। इसके चलते ट्रेन 10.25 बजे तक खड़ी रही। जीआरपी के प्रभारी लायक सिंह का कहना है कि सीट को लेकर विवाद हुआ था। इसकी सूचना कंट्रोल से मिली थी। दोनों पक्षों को समझा बुझाकर गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया। साथ ही यात्रियों से कहा गया है कि वह अपनी शिकायत झांसी स्टेशन पर दर्ज करा सकते हैं। इस मारपीट की घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि अमर उजाला इसकी पुष्टि नहीं करता है।
