संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Thu, 13 Jul 2023 11:40 PM IST
उरई (जालौन)। दहेज हत्या के मामले में पति, सास-ससुर को अपर जिला जज मोहम्मद आजाद ने दोषी पाते हुए दस दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही सभी पर तीन तीन हजार रुपये अर्थदंड की भी सजा सुनाई। मामला ऐट थाना क्षेत्र के अमीटा गांव का है।
अभियोजन के अनुसार, सिरसाकलार थाना क्षेत्र के नियामतपुर गांव निवासी सोनेलाल ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी पुत्रीकी शादी वर्ष 2018 अमीटा गांव निवासी हरगोविंद से हुई थी। आरोप है कि दहेज में मोटरसाइकिल और रुपये की मांग को लेकर 19 मई को उसकी पुत्री और उसके पति सास व ससुर ने मार डाला था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए डीजीसी लखनलाल निरंजन ने गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की जिरह के बाद गुरुवार को अपर जिला जज मोहम्मद आजाद ने सास रामजानकी, ससुर तेज सिंह और पति हरगोविंद को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए सभी को दस दस साल के कारावास और तीन तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
