उरई। रामश्री पब्लिक स्कूल में 32वें राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के जिला स्तरीय कार्यक्रम में बाल वैज्ञानिकों ने अपनी वैज्ञानिक सोच और नवाचार का प्रदर्शन किया। जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने कचरा प्रबंधन, ऊर्जा संरक्षण, वर्षा जल संचयन और खाद्य एवं कृषि विषयों पर आधारित मॉडल और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पिंडारी के प्राचार्य अश्वनी प्रताप सिंह, विशिष्ट अतिथि बीएसए विकास चौधरी, विद्यालय प्रबंधक डॉ. सीपी गुप्ता और प्रधानाचार्य शैलेंद्र सिंह ने किया। विद्यार्थियों ने ””आर-5 फॉर वेस्ट मैनेजमेंट””, ””ई-4 फॉर एनर्जी””, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और फूड एंड एग्रीकल्चर उपविषयों पर अपने प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए।
दयानंद वैदिक कॉलेज के प्रोफेसरों की टीम ने मॉडलों का मूल्यांकन किया। निर्णायक मंडल में डॉ. ज्ञानेंद्र मोहन बसेड़िया, डॉ. नील रतन, डॉ. मनोज गुप्ता व डॉ. सैयद नफीसुल हसन शामिल रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर दिया। जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन अनिल कुमार गुप्ता व उदयवीर सिंह ने किया। जिला समन्वयक राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में एआरपी देवेंद्र सिंह, अविनेंद्र मिश्रा, बलवान सिंह पाल, डॉ. शिवकुमार राठौर, विक्रम सिंह, डॉ. विकास वर्मा, सुमित त्रिपाठी, राजेंद्र गुप्ता, प्रशांत मौर्य सहित 50 से अधिक गाइड शिक्षक और करीब 100 बाल वैज्ञानिक शामिल हुए।

