संवाद न्यूज एजेंसी

उरई। रविवार का दिन जिले से बाहर जाने वाले लोगों के लिए भारी रहा। मेमू, इंटरसिटी, लखनऊ पैसेंजर जैसी ट्रेनों के निरस्त होने के कारण यात्री भटकते रहे। कई यात्रियों ने मजबूरी में रोडवेज बस या डग्गामार वाहनों का सहारा लिया।

झांसी मंडल के दतिया स्टेशन और लखनऊ मंडल के बाराबंकी स्टेशन के पास ट्रैक मेंटीनेंस के काम के चलते कई ट्रेनों को निरस्त किया गया है। रविवार को झांसी से कानपुर और कानपुर की ओर जाने वाली मेमू, झांसी से लखनऊ और लखनऊ से झांसी जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस और झांसी लखनऊ पैसेंजर, मुंबई से लखनऊ और लखनऊ से मुंबई जाने वाली एसी स्पेशल, गोरखपुर से हैदराबाद और गोरखपुर से कोच्चिवैली जाने वाली राप्तीसागर एक्सप्रेस निरस्त रही।

वहीं चेन्नई से लखनऊ जाने वाली चेन्नई एक्सप्रेस का मार्ग परिवर्तन होने के कारण यह ट्रेन भी उरई नहीं आई। इसके अलावा पनवेल से गोरखपुर जो वाली ट्रेन अपने निर्धारित समय सुबह 10.38 बजे के स्थान पर पांच घंटे देरी से चलते हुए दोपहर 3.44 बजे उरई स्टेशन पहुंची। वहीं पुणे से गोरखपुर जाने वाली पुणे एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित समय सुबह नौ बजकर आठ मिनट के स्थान पर चार घंटे देरी से चलते हुए दोपहर एक बजे उरई स्टेशन आई। सबसे ज्यादा परेशानी झांसी की ओर जाने वाले यात्रियों को हुई। गोरखपुर से मुंबई जाने वाली संत कबीरनगर एक्सप्रेस सुबह 8:28 मिनट पर उरई स्टेशन आई। इसके बाद दिन भर झांसी के लिए कोई ट्रेन नहीं रही।

अब महंगे किराये पर करना होगा सफर

फोटो-23-आदर्श।

शहर के मोहल्ला शिवपुरी निवासी आदर्श ने बताया कि वह अपने परिवार के पांच सदस्यों के साथ झांसी जा रहे थे। प्लेटफार्म पर पहुंचने के बाद टिकट खिड़की पर तैनात कर्मचारी ने टिकट नहीं दिया और बताया कि आज झांसी के लिए ट्रेन नहीं है। इस पर वह वापस लौटकर बस या अन्य साधनों से झांसी ज्यादा किराया देकर जाएंगे।

400 की जगह खर्च होंगे 1600 रुपये

फोटो-24-अनुराधा।

जालौन से आई अनुराधा सिंह ने बताया कि वह झांसी एक शादी में जा रही हैं। उनके आठ लोग और भी जा रहे हैं। ट्रेन के मुकाबले बस का किराया करीब चार गुना है। मेमू से आठ लोग चार सौ रुपये में पहुंच जाते। अब बस से जाने पर 1600 रुपये खर्च होंगे। साथ ही आटो किराया भी लगेगा।

घट गई टिकट बिक्री

उरई रेलवे स्टेशन पर औसतन टिकट बिक्री से डेढ़ से दो लाख रुपये की आय होती है लेकिन रविवार को ट्रेनों के निरस्तीकरण के कारण बमुश्किल आकंड़ा पचास हजार ही पहुंच पाया। ट्रेनों के निरस्तीकरण के कारण सन्नाटा पसरा रहा।

अतिरिक्त रोकी गई ट्रेन, धक्का मुक्की

झांसी की ओर सिर्फ एक और कानपुर की ओर रविवार को तीन ट्रेनें रवाना गई। इन ट्रेनों में इतनी ज्यादा भीड़ रही कि इन ट्रेनों को अतिरिक्त रोककर चलाया गया। ट्रेन में चढ़ने को लेकर यात्री आपस में धक्कामुक्की करते और दौड़ लगाते देखे गए।

इंटरसिटी, मेमू, झांसी पैसेंजर, राप्तीसागर जैसी ट्रेनों का निरस्तीकरण रविवार तक था। अब सोमवार से यह ट्रेनें निर्धारित समय से चलेगी। कुछ ट्रेनों को अभी डायवर्ट किया गया है। वह भी जल्द निर्धारित रूट पर संचालित होगी। – मनोज कुमार सिंह, पीआरओ झांसी मंडल



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