
पर्वत सिंह बादल( ब्यूरो चीफ जालौन )✍️
(उरईजालौन )उरई: आज जनपद में जालौन सचिव, कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उ०प्र० शासन द्वारा नियुक्त जनपद के नोडल अधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई परिसर में 20.82 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं मानकों का बारीकी से परीक्षण किया।
निरीक्षण के समय नोडल अधिकारी ने निर्माण कार्यों में फिनिशिंग संतोषजनक न पाए जाने तथा बीम में विद्युत फिटिंग हेतु कटर से कट लगाए जाने पर कार्यदायी संस्था को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बीम जैसे संरचनात्मक भागों में किसी भी प्रकार की कटाई नियमों के विरुद्ध है और इससे भवन की मजबूती प्रभावित हो सकती है। इस गंभीर लापरवाही पर उन्होंने कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को कड़ी चेतावनी दी।
नोडल अधिकारी ने निर्देशित किया कि समस्त निर्माण कार्य स्वीकृत ड्राइंग एवं डिजाइन के अनुरूप ही कराए जाएं तथा गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न की जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि निर्माण कार्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में क्षम्य नहीं होगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि नर्सिंग कॉलेज का निर्माण निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए, ताकि मेडिकल कॉलेज को शीघ्र ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त नर्सिंग शिक्षा संस्थान की सौगात मिल सके। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा से जुड़े निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इसके उपरांत नोडल अधिकारी श्री इन्द्र विक्रम सिंह ने जनपद में निर्माणाधीन तहसील भवन का भी स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्था यूपी पीसीएल को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य को हर हाल में फरवरी माह, 2026 तक पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि तहसील भवन के समयबद्ध निर्माण से आम जनमानस को प्रशासनिक सेवाओं का लाभ सुचारु रूप से प्राप्त हो सकेगा, इसलिए किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक डॉ दुर्गेश कुमार, जिला विकास अधिकारी के०के० सिंह, उप जिलाधिकारी कालपी मनोज सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह तथा संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।








