
पर्वत सिंह बादल ( ब्यूरो चीफ जालौन)✍️
(उरईजालौन) उरई: जालौन मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देशों के क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि जनपद में मतदाता सूची को अधिक समावेशी एवं त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण–2026 के अंतर्गत व्यापक अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता त्रुटिरहित सूची, समस्त पात्र मतदाताओं को सूची में सम्मिलित कराने हेतु 18 से 20 वर्ष आयु वर्ग के पात्र युवाओं तथा महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है, क्योंकि इस वर्ग के बड़ी संख्या में मतदाता अभी भी मतदाता सूची में सम्मिलित नहीं हो सके हैं। उन्होंने बताया कि युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के लिए माध्यमिक शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, मेडिकल एवं इंजीनियरिंग कॉलेजों सहित समस्त शैक्षणिक संस्थानों में मतदाता साक्षरता क्लब के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को मतदान के अधिकार, मतदाता सूची में नामांकन की प्रक्रिया तथा लोकतंत्र में उनकी भूमिका के प्रति प्रेरित किया जा रहा है, ताकि वे बढ़-चढ़कर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएं और अपनी पसंद की सरकार चुनने में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। उन्होंने बताया कि सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे शैक्षणिक संस्थानों में विशेष शिविर आयोजित कर पात्र छात्र-छात्राओं से ऑनलाइन पोर्टल www.voters.eci.gov.in, ECINET मोबाइल ऐप अथवा बूथ लेवल अधिकारी के माध्यम से ऑफलाइन घोषणा पत्र सहित फॉर्म-6 भरवाकर मतदाता सूची में सम्मिलित कराएं। जिन छात्र-छात्राओं की आयु 01 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, उनका शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जिनकी आयु 01 जनवरी, 01 अप्रेल, 01 जुलाई, 01 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष पूर्ण होगी, उनके फॉर्म-6 एडवांस में भरवाए जाने की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने ने यह भी बताया कि भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश की वेबसाइट पर वर्ष 2003 की अंतिम मतदाता सूची उपलब्ध है, जिससे घोषणा पत्र भरने में सहायता ली जा सकती है। इसकी प्रतिलिपि सभी बूथ लेवल अधिकारियों के पास भी उपलब्ध कराई गई है तथा इन तथ्यों के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं। महिलाओं की सहभागिता पर विशेष जोर देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 तक की मतदाता सूची की तुलना में 6 जनवरी 2026 को जारी आलेख्य मतदाता सूची में महिलाओं का अनुपात घटा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि गणना प्रपत्र न भरे जाने के कारण बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम छूट गए हैं। विशेष रूप से विवाह के पश्चात स्थान परिवर्तन के कारण अनेक महिलाएं अपने ससुराल क्षेत्र में पंजीकरण नहीं करा सकीं।
इस स्थिति को सुधारने के लिए राष्ट्रीय आजीविका मिशन (ग्रामीण एवं शहरी) से जुड़ी महिला समूहों की दीदियों, स्वास्थ्य विभाग की आशा एवं एएनएम, तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सुपरवाइजरों के सहयोग से नव विवाहित महिलाओं और किशोरियों का पंजीकरण कराया जाएगा। अगले 15 दिनों तक विशेष अभियान चलाकर घोषणा पत्र सहित फॉर्म-6 भरवाए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक पात्र महिलाओं का नाम मतदाता सूची में शामिल हो सके।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के चयन में महिलाओं की सक्रिय भूमिका लोकतंत्र को सशक्त बनाती है और यह अभियान महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने अनुरोध किया कि इसका प्रचार प्रसार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया व प्रिंट मीडिया के माध्यम से किया जाए। उन्होंने सम्बंधित अधिकरियों को निर्देशित किया कि फॉर्म-6 भरवाने में लगे कार्मिकों को समुचित प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाए, ताकि जनपद की मतदाता सूची में कोई भी पात्र नागरिक नामांकन से वंचित न रह सके।
