
पर्वत सिंह बादल उरई जालौन ✍🏻
(उरईजालौन)उरई: संविधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में संबिधान निर्माता, भारत रत्न डॉ०भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माला पहनाकर तथा पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों को संविधान की उद्देशिका का पाठन कराया कि हम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथ-निरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवंबर, 1949 ई. (मिति मार्गशीर्ष शुक्ला सप्तमी, संवत् दो हज़ार छह विक्रमी) को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि हमें भारत के संविधान पर गर्व है और सभी को गर्व भी होना चाहिए संविधान की उद्देशिका, भारत के संविधान की आत्मा है। इसके शब्दों के पूर्ण संबिधान का सार है। यदि हम संबिधान को उद्देशिका को अंगीकृत और आत्मार्पित करते हैं तो समझ लीजिये कि हमने पूर्ण संविधान को ही अंगीकृत कर लिया है। उन्होंने संविधान की उद्देशिका के प्रत्येक शब्द का विस्तार से वर्णन करते हुए बहुत ही बारिकी और गंभीरता से समझाया। संविधान हर एक नागरिक के लिए समभाव रखता है। सभी को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय दिलाता है। सभी को अपने विचारों की अभव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है।