http://www.a2znewsup.com



रिपोर्ट विजय द्विवेदी ब्यूरो चीफ जगम्मनपुर ✍🏻

(उरईजालौन) जगम्मनपुर:  बुंदेलखंड के प्रमुख एवं जनपद जालौन के मुख्य तीर्थ क्षेत्र पंचनद संगम पर संचालित शराब की दुकान बंद किए जाने की मांग उठने लगी है।
  ज्ञात हो कि देश में एकमात्र पांच नदियों के संगम स्थल व तीर्थ क्षेत्र पंचनद की बड़ी मान्यता है अनेक पुराणों में यहां की महत्वता के बारे में विस्तार से वर्णन है। यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु तप साधना पूजा जाप आदि करने के लिए आते रहते हैं। बर्ष भर यहां धार्मिक सामाजिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते रहते है लेकिन इस तीर्थ स्थल पर संचालित शराब की दुकान आने जाने वाले श्रद्धालुओं का मन कसैला कर देती है। जनपद जालौन के जितने भी प्रमुख धार्मिक स्थल है उनमें पंचनद संगम अद्वितीय स्थान रखता है। यह तीर्थ स्थल जनपद जालौन सहित इटावा ,औरैया ,कानपुर देहात ,मैनपुरी, भिंड, मुरैना, आगरा आदि आसपास के अनेक जनपदों के लोगों में अत्याधिक भावनात्मक व श्रद्धा का स्थान रखता है। प्रतिदिन यहां सैकड़ो की संख्या में लोग पहुंचकर पंचनद संगम के पवित्र जल में स्नान करके नदियों के संगम के तट पर विराजमान देवी देवताओं के मंदिर व संतों के आश्रम तथा सिद्ध तपस्वियों के मंदिरों में जाकर भक्ति भाव से पूजा अर्चना करते हैं एवं पंचनद के आसपास बिखरी प्रकृति की सौंदर्यता को निहार कर आनंदित,आह्लादित होते हैं लेकिन इस सभी आनंद और श्रद्धा के बीच जैसे अचानक मनभावन व्यंजन का स्वाद लेते समय मुंह में अचानक कंकड़ आ जाए और उस छोटे से कंकड़ से जो अनुभूति होती है वही अनुभूति पंचनद तीर्थ क्षेत्र पर आए भक्ति भाव में डूवे एवं प्रकृति का आनंद लेते पर्यटनों के मन में तब होती है जब इस पवित्र जगह में आबकारी विभाग की दुकान से बिक रही शराब एवं शराब के नशे में धुत कोई भी बेेवड़ा अनाप-शनाप बोलता हुआ इस भक्तिमय वातावरण को अपनी फूहड़ भाषा से प्रदूषित कर देता है।  इस संगम स्थल पर देशी शराब की दुकान से आबकारी विभाग अथवा सरकार को भले ही कुछ आर्थिक लाभ हो रहा हो लेकिन यह थोड़े से राजस्व लालच में इस धार्मिक व पवित्र स्थल का शांत माहौल बिगड़ कर सामाजिक श्रद्धा को अवश्य क्षतिग्रस्त हो रहा है, अतः अनेक संत एवं बुद्धिजीवियों ने यहां संचालित शराब की दुकान बंद करने की मांग की है।


——————————————
पंचनद सिद्ध संत श्री मुकुंदवन (बाबा साहब) महाराज की तपोस्थली है। यहां गोस्वामी तुलसीदास जी ने कुछ समय तक प्रवास कर रामचरितमानस के कुछ अंश रचे थे, ऐसे पवित्र स्थान पर मदिरा की दुकान होना धर्म विरुद्ध है।
महंत संदीप दास
बड़ा फाटक , रामघाट अयोध्या
——————————————
पुराणों में वर्णित पंचनद संगम सिद्ध संतों की साधना से हुई पावन भूमि है। यहां मत्स्य आखेट एवं शराब बिक्री पर तत्काल रोक लगाया जाना ही शास्त्र व धर्मोचित होगा।
उदितानंद बृह्मचारी जी
दंडी आश्रम, नवाबगंज कानपुर
——————————————
देश के पवित्र तीर्थों में शुमार पंचनद संगम लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है यहां मांस मछली शराब का विक्रय सर्वथा अनुचित है , शराब की दुकान तत्काल बंद हो।
गुरु प्रसाद शर्मा “महंत”
अमरशांति आश्रम पचोखरा (एट)
——————————————
तीर्थ स्थल पर शराब की बिक्री होते देख यहां आने वाले श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होती है। देश के अन्य तीर्थ स्थलों की भांति यहां पर भी शराब बिक्री पर रोक लगाई जाए।


अजीत सिंह सेंगर
ब्लॉक प्रमुख रामपुरा

By Parvat Singh Badal (Bureau Chief Jalaun)✍️

A2Z NEWS UP Parvat singh badal (Bureau Chief) Jalaun ✍🏻 खबर वहीं जों सत्य हो

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *