
सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : सोशल मीडिया
उरई के डकोर थाने में पुलिस हिरासत में हुई युवक की मौत के मामले में डीएम ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। इसके अलावा प्रभारी एसपी असीम चौधरी ने डकोर थाना इंचार्ज व एसओजी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है। पूरी कार्रवाई से पुलिस महकमे में खलबली मची है।
डकोर थाना पुलिस की हिरासत में शनिवार सुबह हत्या के मामले में वांछित इंदिरा नगर निवासी राजकुमार की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम हाउस पहुंची मृतक की बहन व पत्नी ने पुलिस पर थर्ड डिग्री टार्चर और मारपीट का आरोप लगाया था। अमर उजाला ने इस घटना को प्रमुखता के साथ 13 जुलाई के अंक में प्रकाशित किया था। इस मामले में रविवार को डकोर थाना प्रभारी राजेश पाल सिंह व एसओजी प्रभारी सतेंद्र यादव को लाइन हाजिर कर दिया गया। इसके साथ ही डीएम राजेश कुमार पांडेय ने मामले को संज्ञान में लेते हुए एडीएम विशाल यादव की अगुवाई में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
एएसपी असीम चौधरी ने बताया कि मृतक के शरीर में कोई चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई चोटों के निशान दर्शाए गए पर मौत की वजह हृदय गति रुकने से होना बताया गया है। वहीं, इस पूरे प्रकरण पर राजनीति भी गर्मा गयी है। सपा-कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट से पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाए हैं।
