
एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए गए।
– फोटो : amar ujala
विस्तार
जमीयत उलमा ए हिंद के महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी की अगुवाई में दंगा पीड़ितों से मुलाकात कर हालात जायजा लेने बहराइच जा रहे प्रतिनिधिमंडल को अमौसी हवाई अड्डे पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उन्हें दंगा प्रभावित इलाके में नहीं जाने दिया।
प्रतिनिधिमंडल में जमीयत उलमा ए हिंद के वरिष्ठ संयोजक मौलाना गयूर कासमी भी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल जमीयत उलमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी के निर्देश पर दिल्ली से बहराइच के लिए रवाना हुआ था। प्रतिनिधिमंडल बहराइच के दंगा पीड़ितों से मिलकर उनके हालात का जायजा लेकर उनको सहायता प्रदान करने जा रहा था।
जमीयत के सचिव नियाज अहमद फारूकी ने बताया कि जमीयत उलमा-ए-हिंद ने हमेशा देश में शांति, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए काम किया है। धर्म और जाति का भेदभाव किये बगैर पीड़ितों की मदद करना अपना कर्तव्य माना है। उन्होंने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद पुलिस की कार्रवाई पर गहरी चिंता व्यक्त करती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पीड़ितों की मदद करने से प्रतिनिधिमंडल को क्यों रोका गया। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि जमीयत के प्रतिनिधिमंडल को तुरंत रिहा किया जाए और अपना काम पूरा करने दिया जाए। जमीयत उलेमा-ए-हिंद हर हाल में अपने सामाजिक और मानवीय कर्तव्यों को पूरा करना जारी रखेगी।
