11 महीने की बेटी और साली की जान चली गई। मां भी नहीं बची हैं जबकि पिता लापता हैं। मैं तो बस दो मिनट के लिए शौचालय गया था। तभी भूस्खलन हो गया। इसके बाद सारा मंजर बदल गया और उनकी आंखें अपनों को खोजती रही। जीजा-बहन और बड़ी बेटी आगे चल रहे थे। वह किसी तरह बच गए। यह बोलते हुए जूता कारीगर दीपक फूट-फूटकर रोने लगता हैं। बृहस्पतिवार दोपहर को उनके पास बहन नीलम सहित परिवार के अन्य लोग पहुंच गए। इसके बाद पत्नी मोना के इलाज और पिता अर्जुन सिंह की तलाश में लगा हुआ हैं।

loader

बहनोई प्रमोद ने बताया कि परिवार साले दीपक के पास पहुंच, तो पता चला कि वो भी परिवार के साथ पैदल यात्रा कर रहे थे। हादसे से दो मिनट पहले रास्ते में दीपक टायलेट करने चले गए थे। मां सुनीता, बेटी सेजल, साली भावना और पिता अर्जुन सिंह बाहर खड़े रहे। जबकि दीपक की बड़ी बेटी एंजिल अपनी बुआ याशमिन और फूफा मोहित के साथ कुछ आगे चली गई। तभी एकदम से तेज आवाज आई।

दीपक ने परिवार के लोगों को बताया कि वह समझ नहीं पाए कि क्या हुआ। दो मिनट में ही भयावह मंजर देखकर उनकी रूह कांप गई। चारों तरफ अफरातफरी मची हुई थी। उन्होंने दूर से अपनों को देखा, लेकिन कोई नजर नहीं आया। इसके बाद पुलिस आई और बचाव कार्य शुरू हो सका। अस्पतालों में पता करने के बाद बेटी, मां और साली की माैत की जानकारी हुई। पिता का अब तक पता नहीं चल सका है।

 




Trending Videos

jammu landslide shoemaker family tragedy katra vaishno devi

ढहा हुआ तवी का चौथा पुल का हिस्सा
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


पिता की तलाश में कराया एनाउंस

प्रमोद ने बताया कि परिवार के लोग माोना के इलाज मे जुटे हैं। वह आईसीयू में भर्ती हैं। वहीं अर्जुन सिंह की भी तलाश हो रही है। शव बरामद हो रहे हैं, लोग देखने जा रहे हैं। अर्जुन सिंह के नाम का एनाउंस भी उन लोगों ने करवाया है, जिससे वो सुरक्षित होंगे तो सुनकर परिवार से मिल लेंगे। शुक्रवार को तीनों के शव परिवार के लोग आगरा ला सकते है।

 


jammu landslide shoemaker family tragedy katra vaishno devi

गली में मौजूद लोग
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


कुम्हारपाड़ा में नहीं जले चूल्हे, सिसकियां तोड़ रहीं सन्नाटा

रकाबगंज थाने से 200 मीटर की दूरी पर स्थित कुम्हारपाड़ा की संकरी गली में सन्नाटा पसरा रहा। गली में 50 मीटर अंदर जाते ही लोगों की भीड़ थी। कुछ शांत बैठे थे तो कुछ बुद्ध विहार भवन में गमगीन परिवार को सांत्वना दे रहे थे। गली में सिसकियों की आवाज बार-बार सुनाई दे रही थी। जम्मू के कटरा में हुए भूस्खलन में एक परिवार के 3 लोगों की माैत पर बृहस्पतिवार को क्षेत्र के लोग पीड़ित के घर पर जुटे रहे।

 


jammu landslide shoemaker family tragedy katra vaishno devi

विलाप करती महिलाएं
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


तीन लोगों की मौत 

जम्मू के कटरा में मंगलवार को हुए भूस्खलन में कुम्हारपाड़ा के जूता कारीगर दीपक की 11 माह की बेटी सेजल, मां सुनीता और साली भावना की मृत्यु हो गई, जबकि उनके पिता अर्जुन सिंह लापता है। दीपक की पत्नी माैना का पैर कट गया। बड़ी बेटी एंजिल बुआ याशमीन और फूफा मोहित बच गए। हादसे की जानकारी होने पर परिवार के लोग बुधवार दोपहर जम्मू के लिए रवाना हो गए थे। वह घायल और शवों को घर लाने के लिए जम्मू प्रशासन से वार्ता कर रहे हैं।

 


jammu landslide shoemaker family tragedy katra vaishno devi

घर मौजूद महिलाएं
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


नहीं जले चूल्हे

घटना के बाद से आसपास के घरों में चूल्हे नहीं सुलगे हैं। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि हंसी खुशी यात्रा के लिए निकले परिवार के साथ दुखद हादसा हुआ। तीन की मृत्यु और एक के लापता होने की जानकारी मिली है। इसके अलावा जो लोग वहां गए हैं, उनसे नेटवर्क समस्या की वजह से वार्ता नहीं कर पा रही। इससे ज्यादा जानकारी भी नहीं मिल रही। घर में अर्जुन सिंह की दो बेटियां पूजा और रीना का रो-रोकर बुरा हाल है। मां और बेटियों को याद करके आंसू बहा रही हैं। दोनों बहनें यही कह रही है कि किस घड़ी में वो चली गई जो अब वापस नहीं आएंगी। उनका दुख देखकर हर कोई रो रहा है। घर पर दिनभर रिश्तेदार और अन्य लोगों का आना-जाना लगा रहा।

 




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *